बैसा प्रखंड मुख्यालय स्थित रौटा बाजार में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में दवा व्यवसायियों ने सामूहिक हड़ताल की। हड़ताल के समर्थन में बाजार की लगभग सभी दवा दुकानें बंद रहीं, जबकि इमरजेंसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए एक दवा दुकान खुली रखी गई, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। हड़ताल के कारण दिनभर दवा खरीदने पहुंचे लोगों को काफी दिक्कत हुई। दवाई दुकानदार संघ के अध्यक्ष राजू साह ने बताया कि ऑनलाइन दवा बिक्री के कारण स्थानीय दवा व्यवसायियों के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना उचित सत्यापन के एंटीबायोटिक्स, साइकोट्रॉपिक दवाएं, ओपिओइड तथा शेड्यूल एच, एच-1 और एक्स श्रेणी की दवाओं की बिक्री कर रहे हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। व्यवसायियों का आरोप है कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी पर्चियां तैयार की जा रही हैं तथा एक ही पर्चे का कई बार उपयोग कर दवाएं खरीदी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ऑर्डर में वास्तविक चिकित्सक की पहचान स्पष्ट नहीं रहती, जिससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि दवा किस डॉक्टर की सलाह पर दी जा रही है। इससे गलत दवाओं के सेवन और दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। दवा व्यवसायियों ने चिंता जताई कि नशे की लत पैदा करने वाली दवाओं की ऑनलाइन आसान उपलब्धता युवाओं को गलत दिशा में ले जा रही है। साथ ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) जैसी गंभीर समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। व्यवसायियों ने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त नियम लागू करने की मांग की है।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में रौटा बाजार की दवा दुकानें बंद
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