कोढ़ा प्रखंड की चंदवा पंचायत के खुदना गांव में एक अनोखी और भावनात्मक घटना ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रेम प्रसंग के कारण घर छोड़कर जाने और बाद में परिवार को पहचानने से इनकार करने के आरोप से आहत एक परिवार ने अपनी बेटी से सभी सामाजिक एवं पारिवारिक संबंध समाप्त करने की घोषणा करते हुए उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म संपन्न कराया।
जानकारी के अनुसार युवती कुछ समय पूर्व घर से चली गई थी। उसकी तलाश में परिजनों ने रौतारा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। बाद में युवती को बरामद कर लिया गया, लेकिन परिवार का आरोप है कि उसने अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को पहचानने से इनकार कर दिया तथा उनके साथ घर लौटने से भी मना कर दिया। इस घटना से परिवार गहरे सदमे और आक्रोश में आ गया।
परिजनों ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में बेटी से सभी रिश्ते समाप्त करने का फैसला लिया। इसके बाद युवती के नाम का एक पुतला तैयार कर उसे अर्थी पर रखकर पूरे गांव में प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। ग्रामीणों की मौजूदगी में श्मशान घाट पहुंचकर हिंदू रीति-रिवाज से उसका प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया गया। इतना ही नहीं, बाद में श्राद्ध कर्म और ब्राह्मण भोज का भी आयोजन किया गया।
इस दौरान पिता मुनचुन पासवान, दादा राम प्रकाश पासवान सहित अन्य परिजन काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि बेटी के इस व्यवहार से परिवार की भावनाएं आहत हुई हैं और अब उससे उनका कोई संबंध नहीं रह गया है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा जोरों पर है। कोई इसे परिवार की पीड़ा और सामाजिक परंपराओं से जोड़कर देख रहा है, तो कोई इसे बदलते सामाजिक मूल्यों के संदर्भ में चर्चा का विषय बता रहा है। फिलहाल यह मामला गांव ही नहीं, आसपास के इलाकों में भी लोगों के बीच बहस और चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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