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बेटी के जन्म पर हरियाली का उत्सव, मकईपुर गांव बना नई सोच की मिसाल

कोढ़ा प्रखंड के संदलपुर पंचायत अंतर्गत मकईपुर गांव में बेटियों के जन्म को यादगार और प्रेरणादायक बनाने की अनूठी पहल शुरू की गयी है ।गांव में अब बेटी के जन्म पर खुशियां मनाने के साथ फलदार पौधे लगाये जा रहे हैं. इस पहल ने न केवल बेटी सम्मान का संदेश दिया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक नई सोच को जन्म दिया है।

हाल ही में गांव में जन्मी एक नवजात बच्ची के स्वागत में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया. इस दौरान बच्ची के नाम पर आम का पौधा लगाया गया. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पौधारोपण कर बेटी के उज्ज्वल भविष्य और हरित पर्यावरण की कामना की।

मुखिया प्रत्याशी दीपक चौहान ने बताया कि नवजात बच्ची के पिता बादल चौहान और दादा पिंटू चौहान हैं. बच्ची के जन्म की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने मिलकर आम का पौधा उपलब्ध कराया और पूरे उत्साह के साथ उसे रोपित किया. कार्यक्रम के दौरान बच्ची के हाथों से प्रतीकात्मक रूप से पौधा समर्पित कराया गया, जिसने लोगों को भावुक भी कर दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि यह पहल समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करेगी और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरित करेगी. उनका मानना है कि आज के समय में जहां पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है, वहीं इस तरह की पहल आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गांव में इस पहल की खूब सराहना हो रही है. लोगों का कहना है कि मकईपुर की यह परंपरा अन्य पंचायतों और गांवों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जहां बेटी के जन्म को इसी तरह सम्मान और उत्सव के रूप में मनाया जाये।

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