"वेदना सुनकर किसी की रो पड़े जो, भावना कितनी सघन सोचो भला" और ऐसे ही अनेकों दिल छूने वाली पंक्तियों से संचित कविता संग्रह "जब वेदना किसी से जुड़ी" का लोकार्पण जिला हिन्दी साहित्य सम्मेलन कटिहार के तत्वाधान में इंद्रा गांधी पुस्तकालय कटिहार में किया गया। जिला सहकारिता विभाग के पदाधिकारी, कवि, कहानीकार, समालोचक बिनोद कुमार मिश्रा की इस कृति के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लब्ध ख्यातिप्राप्त कवयित्री और कथाकार डॉक्टर आरती स्मित और विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्णिया कॉलेज के प्रिंसिपल मनोज पराशर, स्नातकोत्तर हिन्दी के विभागाध्यक्ष जीतेश कुमार, पूर्व विभागाध्यक्ष कामेश्वर पंकज सहित कई गणमान्य साहित्यकार मौजूद थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया और इसके पश्चात प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानंदन पंत को पुष्पांजलि अर्पित किया गया। इसके पश्चात कवि बिनोद मिश्रा की धर्मपत्नी और शिक्षिका विनीता कुमारी के द्वारा अपने सरस्वती वंदना के मनोहर प्रस्तुति ने सभी को आह्लादित कर दिया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि डॉक्टर आरती स्मित ने कहा कि बिनोद मिश्रा ने अपने व्यस्ततम दिनचर्या के बावजूद अपनी साहित्य साधना को जिस प्रकार जारी रखा है, यह अनुकरणीय है। इस कविता संग्रह के भूमिका लेखक मनोज पराशर ने पुस्तक की कई कविताओं को अद्भुत बताया और इसकी तुलना धूमिल से की। कवि कामेश्वर पंकज ने इन कविताओं को समाज का धरोहर और समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कवि बिनोद मिश्रा ने अपनी इस कृति के प्रकाशन का श्रेय अपनी माता पिता, धर्मपत्नी, मित्रों और अपने गुरुजनों को दिया और कहा कि बहुत जल्द उनके द्वारा रचित ऐसी कई अन्य कृतियों का लोकार्पण जल्द किया जाएगा। इस विमोचन समारोह में मंच का संचालन शिक्षक और कवि अजय कुमार मीत के द्वारा किया गया। इस अवसर पर हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्र सरस,अवध बिहारी आचार्य, जवाहर देव, विकास चंद्र ठाकुर, वागीश कुमार,बिनोद कुमार नैतिक, विपिन वियान हिंदुस्तानी, रंजीत कुमार तिवारी, गिरिधर कुमार, कलाम अजनबी, शाकिब कलिम, लक्ष्मी कुमारी, आम्रपाली यादव, नीतू बाबू, कन्हैया कुमार केशरी, दिवाकर पांडे आदि मौजूद थे |
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