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नेपाल मे नशा कारोबार को रोकने के लिए बैठक और जागरूकता रैली


अररिया जिला पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान का असर अब जोगबनी सीमा क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। अररिया जिला के पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत नशे के कारोबारियों, तस्करों एवं नशे के आदी लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की सक्रियता से नशे के अवैध कारोबार में जुड़े लोगों के बीच दहशत का माहौल देखा जा रहा है।
ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत जोगबनी के विभिन्न जगहों में लगातार छापेमारी, जांच अभियान एवं निगरानी बढ़ा दिय जाने से कारोबार के भीड़ मे काफ़ी कमी देखी जा रहीं है। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना तथा समाज में फैल रहे नशे के जाल को समाप्त करना है।
इधर जिले में चल रही इस सख्त कार्रवाई को देखते हुए पड़ोसी देश नेपाल के मोरंग जिला प्रशासन ने भी सीमा क्षेत्र में बढ़ती नशे की तस्करी एवं युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे इसके दुष्प्रभाव को गंभीरता से लिया है। इसी को लेकर मोरंग जिला प्रशासन, स्कूल कोलेज के छात्र छात्रा सहित अन्य सामाजिक लोगो द्वारा एक उच्चस्तरीय बैठक और जागरूकता रैली निकाला गया है। जिसमें पुलिस महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की सहित कई  प्रशासनिक पदाधिकारियों ने भाग लिया।
मौके पर अधिकारी ने बताया की भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी, युवाओं में बढ़ती नशे की लत तथा सामाजिक नुकसान को रोकने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा जागरूकता रैली निकाली गई। अधिकारियों ने सीमा पर निगरानी और अधिक मजबूत करने, संयुक्त कार्रवाई बढ़ाने तथा तस्करों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का बड़ा निर्णय लिया।
नेपाल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में किसी भी हाल में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा और युवाओं को नशे से बचाने के लिए लगातार जागरूकता एवं कार्रवाई अभियान चलाया जाएगा।
भारत और नेपाल दोनों देशों के प्रशासन की इस संयुक्त सक्रियता से सीमा क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

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