Top News

मासूम से दरिंदगी का अंजाम: पोक्सो मामले में आरोपी को 20 वर्ष की सजा

अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम दीप चंद पाण्डेय की अदालत ने सोमवार को पोक्सो अधिनियम के मामले में एक अहम फैसला सुनाया। अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम दीप चंद पाण्डेय की अदालत ने दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत सुल्तानगंज निवासी आरोपी नूर आलम को पोक्सो  अधिनियम सहित अन्य धाराओं में 20 वर्ष की सश्रम कारावास व 71 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी।अर्थदंड की राशि का भुगतान पीड़िता को देय होगा।अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। विशेष लोक अभियोजक पोक्सो अधिनियम मनीष कुमार साह ने अदालत में सजा की बिंदु पर जोरदार जिरह पेस की।साथ ही अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम दीप चंद पाण्डेय की अदालत के अथक प्रयासों से आरोपी को सजा सुनाई गई।मामले में दो वर्ष पूर्व दिघलबैंक थाना में कांड संख्या 79/24 व पोक्सो वाद संख्या 51/24 में दर्ज कांड के तहत नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया गया था।इसी मामले में आरोपी के विरुद्ध अदालत में केस की सुनवायी चल रही थी।विशेष लोक अभियोजक पोक्सो अधिनियम मनीष कुमार साह ने सजा की बिंदु पर तथ्य प्रस्तुत किया।मामले में अनन्य विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम दीप चंद पाण्डेय की अदालत के द्वारा आरोपी को उक्त अपराध का दोषी पाया गया।जिसके बाद आरोपी को सजा सुनायी गई।वहीं अदालत की ओर से सरकार को पीड़िता को 4 लाख रुपये देने का आदेश भी पारित किया गया है।

फैसले से स्पष्ट संकेत महिला से जुड़े अपराधों पर अदालत सख्त

इस सख्त फैसले से यह स्पष्ट संकेत मिलता है की न्यायालय नाबालिग और महिला से जुड़े अपराधों पर कोई नरमी नहीं बरतना चाहती है।किशनगंज जिला अदालत का यह निर्णय एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है, जो कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से एक मिसाल कायम करता है।

Post a Comment

Previous Post Next Post