फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत सुदूर देहाती क्षेत्र तिरसकुण्ड पंचायत स्थित समौल संकुलाधिन प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में मनाई गई विश्व परिवार चिकित्सक दिवस। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने कहा कि विश्व परिवार डॉक्टर दिवस हर साल 19 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिन परिवार चिकित्सकों की प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, निरंतर देखभाल और सामुदायिक स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है।
इस दिन का मुख्य उद्देश्य परिवार डॉक्टरों के योगदान की सराहना करना है। वहीं प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने कहा कि विश्व परिवार डॉक्टर दिवस की स्थापना ( WONCA ) वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन ऑफ फैमिली डॉक्टर्स द्वारा 2010 में शुरू किया गया था और पहला समारोह 2011 में आयोजित किया गया था।
इस दिन के महत्व को बतलाते हुए शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने कहा कि यह दिन परिवार के डॉक्टर के योगदान को उजागर करता है और यह सुनिश्चित करता है कि वे सभी उम्र और लिंग के रोगियों को व्यक्तिगत, व्यापक और निरंतर देखभाल प्रदान करते हैं। शिक्षक संजीत कुमार निगम ने बच्चों को बताया कि इस बार 2026 की थीम 2026 में, यह दिवस इस बात पर केंद्रित है कि कैसे करुणा तेजी से हो रहे डिजिटल परिवर्तन के युग में फल-फूल सकती है। 19 मई को, लोग उन डॉक्टरों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जो समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तंभ हैं। वे पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में और निवारक देखभाल में मदद करते हैं। आप अपने परिवार के डॉक्टर को धन्यवाद देने के लिए कोई नोट या कार्ड भेजें। परिवार के डॉक्टर के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं।यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके पास एक नियमित चेकअप है, अपने फैमिली डॉक्टर से मिलें।यह दिवस स्वास्थ्य प्रणालियों में परिवार चिकित्सकों के अमूल्य समर्पण और योगदान का जश्न मनाने का एक अवसर है। इस अवसर पर बच्चों ने मानव श्रृंखला बनाकर आपने - अपने परिवारिक चिकित्सकों को किया नमन।
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