पूर्णियां में एक 18 साल की नाबालिग युवती का मक्का के खेत से बोरे में बंद शव बरामद किया गया हैं। युवती विगत 9 दिनों से लापता थी, जिसे ढूंढने में पुलिस विफल रही। वहीं पुलिस की कार्यशैली से नाराज लोगों ने पूर्णियां-बंगाल नेशनल हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया हैं। सैकड़ो की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर आगजनी किया। जिससे दोनो तरफ सैकड़ो ट्रकों की लंबी कतार लग गई हैं। मृतक की पहँचान खुशी कुमारी (18 वर्ष) पिता-सुखदेव चौधरी, ग्राम-चातर रामपुर, वार्ड 4, थाना-डगरुआ, जिला-पूर्णियां निवासी के रूप में हुई हैं।
घटना के संबंध में परिजन ने बताया कि 12 मार्च को रात्रि खुशी शौच के लिए उठी थी, जिसके बाद से वह गायब थी। सभी जगह खोजने के बाद डगरुआ थाना में गुमशुदी का आवेदन देकर लड़की की बरामदगी की गुहार लगाई गई। परिजन ने बताया कि थानेदार ने प्रेम प्रसंग का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया। लड़की की चाची पुष्पा देवी ने बताया कि लड़की के गायब होने के 2 दिन बाद मोबाइल चेटिंग से किसी सचिन कुमार नाम के युवक से चेटिंग करते हुए पाई गई। जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दिया, मगर पुलिस ने सचिन कुमार से पूछताछ करने की जहमत तक नहीं उठाई, उल्टे प्यार मोहब्बत में भाग जाने की बात कहकर परिजन को थाने से भगा दिया। वहीं परिजन ने बताया कि उसकी बेटी कोचिंग पढ़ने के लिए रोजाना मझोर जाती थी। रास्ते मे चंदन नाम के युवक का होटल हैं, जहाँ उसका भाई सचिन अपने दोस्तों के साथ रहता था। इसी दौरान दोनो में जान पहँचान हो गई। मगर 12 मार्च की रात्रि को सचिन ने लड़की को गायब कर दिया। लड़की के परिजन करण कुमार ने बताया कि 18 मार्च को गाँववालो को खबर लगी कि लड़की की दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई हैं। जिसके बाद हमलोगों ने डगरुआ थाना का घेराव किया। बताया जाता हैं कि हत्या की खबर पर ग्रामीणों ने करीब 1 घंटे तक थाना का घेराव किया था, मगर थानाध्यक्ष हत्या की बात से इनकार करते रहे। करण कुमार ने बताया कि उल्टे थानाध्यक्ष ने परिजन के ऊपर ही हत्या कर थाना का घेराव करने का आरोप लगा दिया। ग्रामीणों द्वारा थानाध्यक्ष का विरोध करने पर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने 48 घंटे का वक्त माँगा। वही आज शुक्रवार को डगरुआ थाना क्षेत्र के विश्वासपुर नमस्कार होटल के पीछे मक्का के खेत से बोरे में बंद मक्का के खेत से शव बरामद हुआ।
रोजाना तेजाब डाल शव को गलाया जा रहा था
आशंका जताया जा रहा हैं कि 12 मार्च के रात्रि अपहरण के बाद युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। वहीं हत्या के बाद लगातार शव के ऊपर एसिड डालकर गलाया जा रहा था। वहीं ग्रामीणों का प्रदर्शन को देखते हुए हत्यारे शव को बोरा में डालकर मक्का खेत मे शव को डालकर फरार हो गए। वहीं घटना में जिन 4 युवकों का नाम ग्रामीण बता रहे हैं, सभी नेपाल फरार होने की बात बताई जा रही हैं। फिलहाल पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया हैं। घटनास्थल पर वरीय पदाधिकारी आकर लोगो को समझाकर जाम को 4 घंटे बाद खुलवाया और आवागमन चालू करवाया। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम हेतु पूर्णियां भेज दिया गया हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही रेप और हत्या के मामलें से खुलासा होगा। मगर पूरे घटनाक्रम में डगरुआ थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर उँगली उठ रही हैं।
वहीं पूर्णियां एसपी स्वीटी सहरावत ने प्रेस विज्ञप्ति जारि कर बताया कि दिनांक 12.03.2026 को सुखदेव चौधरी द्वारा डगरूआ थाना अंतर्गत अपनी 18 वर्ष की पुत्री के अपरह्न में अज्ञात के विरुद्ध कांड दर्ज करवाया गया था । जिसमें तकनीकी अनुसंधान के क्रम एक अभियुक्त सचिन उम्र लगभग 20 वर्ष को हिरासत में लिया गया जिसके द्वारा पूछताछ के क्रम में बताया गया कि करीब 4 महीने से वे अपृहता के संपर्क में थे और लगातार फोन पर बातचीत करते थे , 11 की रात्रि को अभियुक्त ,एवं उसके अन्य दोस्त और अपृहत्ता मेला देखने के लिए निकले थे , जहां सचिन के दोस्त की दुकान में उसके द्वारा अपृहता से बलात्कार किया गया और अपने दोस्तों के साथ भी संबंध बनाने के लिए अपृहता पर दबाव दिया गया , उसी क्रम में झड़प के दौरान सभी अभियुक्तों द्वारा अपृहता की हत्या की गयी और साक्ष्य छुपाने की नियत से शव को खेत में छुपा दिया गया ।
अभियुक्त सचिन की निशानदेही पर शव को बरामद किया गया है, FSL की टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है एवं शव को पोस्ट मॉर्टम हेतु भेजा गया है।
अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम द्वारा छापेमारी की जा रही है ।
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