फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत समौल संकुलाधीन प्राथमिक विद्यालय, आदिवासी टोला मधुरा, पंचायत तिरसकुण्ड में चेतना सत्र के क्रम में महान संत रामकृष्ण परमहंस की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक कुमार राजीव रंजन ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि रामकृष्ण परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 को बंगाल में हुआ था। उनका बचपन का नाम गदाधर चटर्जी था और वे माँ काली के परम भक्त थे। उनके जीवन से हमें भक्ति, सेवा और मानवता की प्रेरणा मिलती है।
इस अवसर पर शिक्षक रंजीत कुमार मंडल ने रजत शर्मा के जन्मदिवस पर उनके जीवन और पत्रकारिता क्षेत्र में योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रजत शर्मा भारतीय मीडिया जगत के एक प्रतिष्ठित नाम हैं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बच्चों ने सामूहिक रूप से “हैप्पी बर्थडे” गीत गाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
प्रधान शिक्षक श्री मिथिलेश कुमार सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नेता रफी अहमद किदवई की जयंती पर उनके योगदान को याद करते हुए बच्चों को देशभक्ति और समर्पण की भावना से प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी महान विभूतियों के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। अभिभावक श्री सोमलाल मुर्मू ने अपनी मातृभाषा संथाली में बच्चों को प्रतिदिन समय पर, साफ-सुथरे विद्यालय पोशाक में नियमित रूप से स्कूल आने का संदेश दिया।
विद्यालय परिवार की ओर से यह आयोजन ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा का संगम साबित हुआ।
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