ट्रेन के पटरी से डीपी बॉक्स चुराने के मामले का आरपीएफ ने उदभेदन कर दो लोगो को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शहर के नेमचंद रोड स्थित एक बर्तन दुकान से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया गया। यह सामग्री कटिहार रेल मंडल के गायसल से किशनगंज के बीच रेलवे ट्रैक पर लगे डीपी बॉक्स (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट बॉक्स) चुराकर बेची जा रही थी।
आरपीएफ की छापेमारी में हड़कंप मच गया। पुलिस ने नाटकीय तरीके से पूरी बरामदगी की। असिस्टेंट कमांडेंट पूजा गवले ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रेल लाइन से कीमती एल्युमिनियम सामान की लगातार चोरी हो रही थी। इससे ट्रेन संचालन प्रभावित हो रहा था। सिग्नलिंग सिस्टम में दिक्कत आने से थ्रू ट्रेनों के परिचालन में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी। रेलवे कर्मचारी बार-बार नए बॉक्स लगाते, लेकिन चोर उन्हें फिर चुरा ले जाते। लगभग 15 दिनों में कई बार ऐसी घटनाएं हुईं।
गहन जांच के बाद आरपीएफ टीम को बंगाल के चाकुलिया निवासी अजीजुल हक पर शक हुआ। जिसने पूछताछ मे बताया कि चोरी का सामान किशनगंज की बर्तन दुकान में बेचता था। आरोपी के इशारे पर आरपीएफ, रेलवे क्राइम ब्रांच और किशनगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने नीमचंद रोड स्थित दुकान पर छापा मारा। वहां से 6 डीपी बॉक्स बरामद किए गए।रेलवे के अनुसार एक डीपी बॉक्स की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये है, लेकिन चोर इसे महज 6 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेच रहे थे। बरामदगी के बाद दुकानदार रमेश प्रजापति को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों से आगे पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से रेलवे सामग्री की चोरी में शामिल रहा होगा।
असिस्टेंट कमांडेंट पूजा गवले ने कहा, “ट्रेन पर चोरी करते रंगे हाथ पकड़े गए। पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। सभी बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है। अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।”रेलवे अधिकारियों ने बताया कि डीपी बॉक्स सिग्नलिंग सिस्टम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी चोरी से ट्रेनों का संचालन बाधित होता है, जिससे यात्री परेशान होते हैं। आरपीएफ ने चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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