जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। सभी युवक दीनाभद्री मेला देखकर लौट रहे थे, तभी अरार थाना क्षेत्र स्थित पुल पर उनकी कार अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए करीब 20 फीट नीचे नदी में जा गिरी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चारों युवक शुक्रवार रात करीब 9 बजे मधेपुरा स्टेशन चौक से मेला देखने निकले थे। मेला देखकर लौटने के दौरान रात करीब 12:30 बजे अरार पुल पर तेज रफ्तार के कारण कार का संतुलन बिगड़ गया। कार पहले एक बिजली पोल से टकराई और फिर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा समाई।
हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही अरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। नदी में पानी अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
काफी मशक्कत के बाद तीन शवों को नदी से बाहर निकाला गया, जबकि चौथे युवक की तलाश कुछ समय तक जारी रही। बाद में प्रशासन ने चौथे युवक की भी मौत की पुष्टि करते हुए उसकी पहचान कर ली। दुर्घटनाग्रस्त कार को भी नदी से बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे में मृतकों की पहचान घनश्याम कुमार (28), निवासी वार्ड-23 स्टेशन चौक, मधेपुरा; अंकित कुमार (27), निवासी मोकमा, थाना बसनही, जिला सहरसा; बसंत कुमार, निवासी सौरबाजार, सहरसा; एवं सागर कुमार, निवासी वार्ड-15 जयपालपट्टी, मधेपुरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चारों आपस में घनिष्ठ मित्र थे और साथ में मेला देखकर लौट रहे थे।
प्रशासन का बयान:
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि पुलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और तेज रफ्तार पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
एक साथ चार युवकों की मौत से मधेपुरा और सहरसा इलाके में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की मांग की है।
दीनाभद्री मेले की खुशियों के बीच लौट रहे इन चार दोस्तों का सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया—यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरनाक परिणामों की चेतावनी देता है।
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