पूर्णियां में एक नटवर लाल ने शहर के कई प्रतिष्ठित लोगों को करोड़ो का चूना लगाया हैं। ठगी का तरीका देखकर हर कोई अपना सिर पीट रहा हैं। ठगी के शिकार लोग अब धीरे धीरे आगे आ रहे हैं, मगर कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाह रहा। ठगी का यह मामला सिर्फ पूर्णियां में ही 10 करोड़ से ऊपर का हैं। वहीं ठगी के शिकार शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर सामने आए हैं, जिनके आवेदन पर सहायक खजांची थाना में ठग के ऊपर मामला दर्ज कर लिया गया हैं। सबसे हैरानी की बात यह हैं कि ठगी के शिकार लोग जब ठग को ढूंढते हुए उसके किराए के घर पर पहुँचे तो मकान मालिक को भी अपने साथ हुए ठगी का एहसास हुआ। मगर तबतक ठग अपने मकान मालिक को भी चुना लगाकर फरार हो गया था।
मामला शहर के सहायक खजांची थाना क्षेत्र के टीचर कॉलोनी की हैं, जहाँ मध्यप्रदेश भोपाल रेलवे कॉलोनी निवासी रोहित बाजपेई अपने बीबी और बच्चों के साथ पूर्णियां आया था। यहाँ उसने अपना परिचय एटीएस अधिकारी (एयर कंट्रोल ऑफिसर) के रूप में दिया। जिसके बाद टीचर कॉलोनी निवासी एक अधिवक्ता के घर किराए पर रहने लगा। इस दौरान उसने अपने मकान मालिक सहित पड़ोसी और दुकानदारों से लेकर बिजनेसमैन डॉक्टर तक से संपर्क बढ़ाया। इसके बाद मात्र 6 माह में ही पूर्णियां से करीब 10 करोड़ की ठगी करके फरार हो गया।
डॉक्टर से लाखों के जेवरात की ठगी की
नटवरलाल रोहित बाजपेई ने शहर के प्रसिद्ध डॉक्टर विनोद धारेवा को भी अपना शिकार बना लिया। बताया जाता है कि जब नटवर लाल की पत्नी अन्नू बाजपेयी बीमार पड़ी तो डॉक्टर विनोद धारेवा के यहाँ आना जाना शुरू हुआ। इसी दौरान अपनी बातों से डॉक्टर को पूरी तरह अपने वश में कर लिया। जब डॉक्टर को फ्लाइट का टिकट चाहिए होता था तो आसानी से उपलब्ध भी करवा देता था। बताया जाता हैं कि डॉक्टर जब पूर्णियां एयरपोर्ट से फ्लाइट लेकर बाहर जा रहे थे तो एयरपोर्ट के एककर्मी ने डॉक्टर साहब की खूब आवभगत की और नटवरलाल रोहित बाजपेयी की खूब तारीफ की। इसके बाद डॉक्टर को नटवरलाल रोहित बाजपेयी पर पूरा यकीन हो गया। जिसके बाद डॉक्टर ने बैंगलोर में रह रहे अपने बेटी के कुछ जेवरात भेजने को लेकर रोहित बाजपेयी से चर्चा की। नटवरलाल रोहित ने कहा कि पूर्णियां से बैंगलोर जाने वाला विमान के पायलट के मार्फत ज्वेलरी भेजने की बात कही। वहीं फोन कर पायलट (ठग का साथी) से बात की और बैंगलोर के एक होटल पर आकर ज्वेलरी ले जाने की बात कही। जिसके बाद डॉक्टर ने कीमती ज्वेलरी ठग रोहित बाजपेयी के सुपुर्द कर दिया। वही ठग के द्वारा बैंगलोर में दिए गए पता पर डॉक्टर का पुत्र ज्वेलरी लेने गया तो कोई आया ही नहीं। जिसके बाद डॉक्टर लगातार रोहित बाजपेयी को फोन किया मगर फोन ऑफ आने लगा।
बताया जाता है कि भट्टा बाजार के एक प्रसिद्ध ब्यवसाई के दुकान पर ठग रोहित बाजपेयी अपने परिवार के साथ अक्सर आता था। फिर दोनो के बीच जान पहँचान हो गई थी। ब्यवसाई ने बताया कि उसके रिश्तेदार राजस्थान के बीकानेर में रहते हैं, तो रोहित बाजपेयी ने भी बताया कि बीकानेर तो उसका ननिहाल हैं। जिसके बाद दोनों में खूब दोस्ती हो गई। ब्यवसाई ने बताया कि ठग रोहित बाजपेयी की बेटी जापान में पढ़ती हैं। ब्यवसाई ने बताता की रोहित बाजपेयी ने बताया कि उसकी पत्नी बीमार है और अस्पताल में भर्ती है। जिसके बाद उससे लगभग 3.50 लाख रुपये उधार लिये। सुधार न होने पर अच्छे हार्ट के डॉक्टर में बारे में पूछा। जिसके बाद ब्यवसाई ने ही डॉक्टर विनोद धारेवा से ठग का परिचय कराया था। वहीं अपने साथ हुए ठगी के बाद डॉक्टर ब्यवसाई के पास पहुँचे। जब दोनो मिलकर टीचर कॉलोनी स्थित ठग के किराए वाले घर पर पहुँचे तो ताला बंद पाया।
मकान मालिक अधिवक्ता से भी 4.50 लाख की ठगी
वहीं ठगी के शिकार डॉक्टर जब मकान मालिक अधिवक्ता के पास पहुँचे तो उन्होंने ने बताया कि 2 दिन पूर्व ही सभी परिवार समान के साथ नेपाल घूमने गए हैं। जब मकान मालिक ने डॉक्टर और ब्यवसाई की बात सुनी तो अपना सर पकड़ लिया। मकान मालिक जो पेशे से अधिवक्ता हैं, उन्होंने बताया कि उससे भी किश्तवार दोनो पति पत्नी के करीब 4.50 लाख रुपये लिए हैं। ठग का मोबाइल बंद होने के बाद कई ठगी के शिकार लोग जब अधिवक्ता के घर पहुँचने लगे तो अधिवक्ता को भी अपने साथ हुए ठगी का एहसास हुआ। अधिवक्ता ने ठग रोहित बाजपेयी के खिलाफ सहायक खजांची थाना में मामला दर्ज कराया हैं। सहायक खजांची थाना प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि अधिवक्ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया हैं, वहीं डॉक्टर ने मौखिक रूप से शिकायत दर्ज कराई हैं। अगर लिखित शिकायत देते है तो मामले की तहकीकात की जाएगी। वहीं जब ठगी के शिकार लोगों ने जब तहकीकात की तो पता चला कि ठग रोहित बाजपेयी काफी शातिर ठग हैं। पूरा परिवार मिलकर ठगी के धंधे को अंजाम देता हैं। बीकानेर, भुवनेश्वर, बनारस, बराईचक, गाजियाबाद, उज्जैन में दर्जनों लोगों को अपने ठगी का शिकार बना चुका हैं। कभी रेलवे में विजिलेंस अधिकारी बन कर तो कभी ट्रैन में टीटी बनकर भी यह लोगो से ठगी कर चुका हैं। झांसी रेलवे पुलिस ने तो नकली टीटी के रूप में इसे गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। पूरे देश मे इसके खिलाफ दर्जनों मामलें दर्ज हैं। अगर ठगी के आकड़े की बात करें तो करीब देशभर में 100 करोड़ से ज्यादा की ठगी की घटना को अंजाम दिया हैं। इसमे ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो ब्लैकमनी को व्हाइट करने के लोभ में ठग रोहित बाजपेयी के चंगुल में फसे थे, जो चाहकर भी पुलिस के पास नहीं पहुँच पाये। फिलहाल पुलिस ने ठग को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है।
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