नगर परिषद फारबिसगंज की कथित लापरवाही और गलत सड़क–नाला निर्माण के कारण हुए सड़क हादसे में संदीप गोलछा नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। यह आरोप पीड़ित युवक की माँ सुशीला देवी गोलछा ने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से
उन्होंने बताया कि 23 जनवरी 2026 को सदर रोड स्थित आनंद कुंज के पास नवनिर्मित मुख्य सड़क पर यातायात संकेतों के अभाव और सड़क की असामान्य ऊँचाई के कारण उनका पुत्र सड़क पार करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे पहले रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बाहर रेफर कर दिया। इसके बाद मजबूरी में उसे नेपाल के विराटनगर स्थित नोबेल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहाँ वह अब भी चिकित्सकों की निगरानी में इलाजरत है।
उन्होंने ने बताया कि घटना के विरोध में 24 जनवरी 2026 को नागरिकों द्वारा शांतिपूर्ण धरना दिया गया था, जिसका उद्देश्य प्रशासन का ध्यान शहर में बने खतरनाक दुर्घटना स्थलों की ओर आकृष्ट करना था। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र में ऐसे कई स्थान बन चुके हैं जहाँ आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं, जिससे आम नागरिकों में आक्रोश व्याप्त है।
सुशीला देवी गोलछा ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के मूल कारणों पर ध्यान देने के बजाय निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन पीड़ित परिवार और सहानुभूति जताने वाले नागरिकों को मुकदमे में उलझाने का प्रयास कर रहे हैं, जो सामाजिक न्याय के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि पटना उच्च न्यायालय द्वारा सड़क की ऊँचाई को लेकर दिए गए स्पष्ट निर्देशों (CWJC No. 4839/2010) की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
उन्होंने नगरपालिका बोर्ड द्वारा यह कहे जाने पर भी सवाल उठाया कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल की गति 70 किमी प्रति घंटा थी, जबकि शहर में न तो कोई गति मापक यंत्र है और न ही कहीं गति सीमा का कोई संकेतक बोर्ड लगा हुआ है।
उन्होंने ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने 30 जनवरी 2026 को नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को विस्तृत आवेदन भी प्रेषित किया गया है। साथ ही उन्होंने खेद व्यक्त किया कि दुर्घटना के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद नगरपालिका का कोई भी प्रतिनिधि अब तक उनके पुत्र का हालचाल लेने नहीं पहुँचा।
प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सुशीला देवी गोलछा ने मांग की है कि उनके पुत्र की दुर्घटना की आड़ में दर्ज की गई कथित निराधार प्राथमिकी को वापस लिया जाए और नगर परिषद अपनी भूल स्वीकार करते हुए अवैध निर्माण को हटाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण से हुई क्षति की भरपाई के लिए वे अपने अधिकार सुरक्षित रखती हैं।
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