छात्र जनता दल (यूनाइटेड) पूर्णिया के जिला अध्यक्ष अंकित झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय में गेस्ट फैकल्टी की बहाली में बड़े पैमाने पर अनियमितता एवं आदेश की खुली अवहेलना की गई है।
अंकित झा ने बताया कि कमिश्नर साहब द्वारा स्पष्ट रूप से केवल 14 विषयों में ही गेस्ट फैकल्टी की बहाली का आदेश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 17 विषयों में बहाली कर ली गई, जो सीधे तौर पर कमिश्नर के आदेश की अवहेलना है।
अंकित झा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब आदेश सिर्फ 14 विषयों का था, तो फिर 17 विषयों में बहाली आखिर किसके आदेश से की गई? यह अपने आप में गंभीर प्रश्न है और यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय में नियम-कानून को ताक पर रखकर मनमानी की जा रही है।
अंकित झा ने कहा कि गेस्ट फैकल्टी की बहाली में रोस्टर नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे सभी वर्गों को समुचित अवसर नहीं मिल सका। बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता के नाम पर सिर्फ दिखावा किया गया है।अंकित झा ने कहा कि कुलपति महोदय पारदर्शिता की बात करते हैं, लेकिन यदि बहाली पारदर्शी थी तो विश्वविद्यालय की वेबसाइट से रिजल्ट को बार-बार क्यों हटाया गया?
उन्होंने बताया कि 22 तारीख की रात को रिजल्ट अपलोड किया गया, 23 की रात को उसे डिलीट कर दिया गया और 24 को हेर-फेर कर पुनः अपलोड किया गया। पहले अभ्यर्थियों को एक कॉलेज में अलॉट किया गया, फिर कुछ ही देर बाद दूसरे कॉलेज में नाम डाल दिया गया, जो पूरी तरह से फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।अंकित झा ने आरोप लगाया कि इस पूरी बहाली प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर पैसों की उगाही हुई है और शिक्षा माफियाओं के इशारे पर सीट बेचने का खेल चला है। यह विश्वविद्यालय की गरिमा और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
अंकित झा ने कहा कि कुलपति महोदय छात्रों के हित की बजाय अपने निजी हित को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
अंकित झा ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि इस फर्जी गेस्ट फैकल्टी बहाली को तत्काल रद्द किया जाए, अन्यथा छात्र जदयू आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्र विरोधी और तानाशाही रवैये को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में अंकित झा ने कमिश्नर साहब से मांग की कि उनके आदेश की जिस प्रकार अवहेलना की गई है, उस पर तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
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