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पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति का एक वर्ष का कार्यकाल पूरी तरह हवा-हवाई : अंकित झा

छात्र जदयू पूर्णिया के जिला अध्यक्ष अंकित झा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्णिया विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति महोदय का एक वर्ष का कार्यकाल पूरी तरह से हवा-हवाई साबित हुआ है। एक साल के कार्यकाल में ऐसी कोई ठोस उपलब्धि सामने नहीं आई है, जिसे छात्रों के हित में किया गया कार्य कहा जा सके।
अंकित झा ने कहा कि कुलपति महोदय द्वारा हर मंच पर केवल सामर्थ पोर्टल को ही अपनी उपलब्धि के रूप में गिनाया गया, जबकि उस पोर्टल के माध्यम से आगे की शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रिया को सुदृढ़ करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। इसके रहते पुनः नई एजेंसी को लाना यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिकता छात्रों के हित नहीं हैं।अंकित झा ने कहा कि एक वर्ष के कार्यकाल में छात्रों के हित में जिन कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी, उन पर पूरी तरह से अनदेखी की गई। पूर्णिया कॉलेज में बीएड की पढ़ाई शुरू करने की वर्षों पुरानी मांग आज भी लंबित है, जबकि शैक्षणिक सत्र पहले से ही काफी विलंब से चल रहा है। यह स्थिति छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय नहीं तो और क्या है।अंकित झा ने कहा कि परीक्षा विभाग में कई गंभीर लंबित मामले पड़े हुए हैं। पांच पदाधिकारियों की नियुक्ति के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है और छात्रों को केवल आश्वासन ही मिलता रहा है।
अंकित झा ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने सीमांचल के छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की सोच के साथ पूर्णिया विश्वविद्यालय की स्थापना की थी, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुलपति महोदय उस सोच पर खरा उतरने में पूरी तरह विफल रहे हैं। स्थापना के इतने वर्षों बाद भी विश्वविद्यालय की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है और छात्र दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
अंकित झा ने बताया कि पूर्णिया महाविद्यालय में छात्रावास बने होने के बावजूद आज तक उन्हें चालू नहीं किया गया है, जिससे छात्र महंगे किराए पर बाहर रहने को विवश हैं। यदि बीएड की पढ़ाई पूर्णिया कॉलेज में शुरू होती है तो स्थानीय छात्रों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, लेकिन इस दिशा में भी कोई पहल नहीं की गई।
अंकित झा ने बताया कि एक वर्ष में विश्वविद्यालय के अंतर्गत बने छात्रावासों को चालू करना, बीएड की पढ़ाई प्रारंभ करना, पीएचडी सत्र 2024 तक शुरू करना, प्रत्येक महाविद्यालय में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा नियमित कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक था, लेकिन इनमें से कोई भी कार्य सुचारू रूप से नहीं हो सका।
अंकित झा ने कहा कि छात्र जदयू द्वारा कई बार छात्रों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर कुलपति महोदय को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन किसी भी बिंदु पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे स्पष्ट होता है कि छात्रों के मुद्दों को नजरअंदाज करना विश्वविद्यालय प्रशासन की आदत बन चुकी है।
अंत में अंकित झा ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन अविलंब इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करे, ताकि सीमांचल के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य का सपना व्यर्थ न जाए।

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