NEET छात्रा के लिए बिहार से लेकर दिल्ली तक सरकार के नाकों में दम करने वाले पूर्णियां के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक नई मुश्किलों में फसते नजर आ रहे है।
35 साल पुराने एक मामले में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के खिलाफ कोर्ट ने कुर्की-जब्ती का आदेश दिया गया है। पटना की एमपी एमएलए विशेष अदालत ने पप्पू यादव सहित 3 लोगो के खिलाफ यह आदेश जारी किया है। सभी पर धोखाधड़ी कर मकान किराए पर लेकर हड़पने का आरोप है। यह मकान पटना स्थित पप्पू यादव के कार्यालय का है। इस मामले की सुनवाई वर्षो से कोर्ट में चल रही है मगर तीनों आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हो रहे है। कोर्ट की इस कार्यवाई के बाद पप्पू यादव के छवि पर एकबार फिर गहरा धक्का पहुँचा है। क्योंकि उनके खिलाफ जो भी केस थे उसमे वे बरी होते जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह मामला 1995 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने गर्दनीबाग थाने में 552/95 कांड दर्ज कराकर उल्लेख किया कि उनके मकान को धोखे से किराए पर लेकर उसमें पार्टी का कार्यालय खोल दिया गया है। जबकि मकान किराया लेते वक्त इन सब बातों का जिक्र नहीं किया गया था। इस मामले में शिकायतकर्ता ने सांसद पप्पू यादव के अलावा शैलेंद्र प्रसाद और चंद्र नारायण प्रसाद पर आपराधिक मामला दर्ज कराया था। जिसमें पप्पू यादव पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
बता दे कि यह मामला विशेष न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की कोर्ट में चल रहा हैं, जहाँ से पूर्व में पप्पू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी निकल चुका है। भगोड़े की स्थिती में पटना पुलिस ने घर पर इश्तेहार चस्पाया गया था। इसके बाबजूद कोर्ट में हाजिर न होने पर अंतिम कुर्की जब्ती की प्रक्रिया कोर्ट ने अपनाया हैं। अब 7 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख तय की गई है। वहीं पप्पू यादव के समर्थक इस कार्यवाई को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं, उनका कहना है कि नीट छात्रा मामलें में सांसद पप्पू यादव लगातार सरकार पर हमला बोल रहे हैं, इसी वजह से उन्हें परेशान किया जा रहा हैं।
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