महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शिवभक्तों की आस्था चरम पर है। शनिवार को एक कवारिया श्रद्धालु 40 लीटर गंगाजल लेकर कोढ़ा प्रखंड के फुलवरिया चौक गंगा दार्जिलिंग सड़क मार्ग से लगभग 40 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। भक्ति और तपस्या से ओत-प्रोत यह यात्रा क्षेत्र में श्रद्धा का अनूठा उदाहरण बन गई है।
भोर से ही श्रद्धालु पवित्र गंगा तट से जल भरकर “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ मंदिरों की ओर रवाना हुए। कई श्रद्धालु कांवर में गंगाजल लेकर नंगे पांव यात्रा कर रहे हैं। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शर्बत और विश्राम की व्यवस्था की गई है।
मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। श्रद्धालु व्रत रखकर, रात्रि जागरण कर और गंगाजल, दूध, बेलपत्र व धतूरा अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करते हैं।
भक्तों का कहना है कि 40 किलोमीटर की यह यात्रा केवल शारीरिक परिश्रम नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और भक्ति की परीक्षा है। जलाभिषेक के साथ ही वे अपने परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना करेंगे।
आज पूरे क्षेत्र में शिवमय वातावरण बना हुआ है, जहां आसपास के शिव मंदिरो में श्रद्धालुओं के द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा और हर ओर भक्ति का उल्लास देखने को मिलेगा।
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