बैसा (पूर्णियां) अनगढ़ के पावन भूमि पर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा संस्थान के संस्थापक व संचालक दिव्य गुरु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के विशेष अनुकंपा से 25 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित श्री मदभागवत कथा जो दोपहर 1 बजे से संध्या 5 बजे तक होगा का शुभारंभ आज शांति मंगल कलश यात्रा से किया गया। जानकारी देते हुए स्वामी कुंदनानन्द ने कहा की कलश यात्रा में लगभग 1500 सोभाग्यशाली महिलाओं ने भाग लिया। श्री मदभागवत महापुराण एवं कलश की पूजा संस्थान से आए पंडित संत जी के द्वारा वैदिक मंत्रों से हुई। मंगल कलश यात्रा को बिहार झारखंड के संस्थान प्रभारी स्वामी श्री यादवेन्द्रानन्द जी मंगल कलश यात्रा को धर्मध्वज दिखाया कथा स्थल से प्रारंभ हो कर मजगामा सोनापुर, कंजीया के रास्ते वापस कथा स्थल पहुंची कलश यात्रा के दौरान पूरा नगर जय श्री राम, हाथी घोडा पालकी जय कन्हैया लाल की, हर हर महादेव के नारों से गूंज उठा। अनगढ़ थाना प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को संभालते दिखे।
कथा के माहात्म्य का वर्णन करते हुए स्वामी कुन्दनानन्द ने बताया की भारतीय संस्कृति के प्राण चिरकाल से आध्यात्मिकता में ही बसते है। इसलिए जहां सारी संस्कृति नष्ट हो गई वही भारतीय संस्कृति आज भी अक्षुण्ण है। आध्यात्मिक सांस्कृतिक शक्ति के संबाहक हमारे आर्ष ग्रंथ है। अध्यात्म ज्ञान से परिपूर्ण वेद, पुराण, उपनिषद, मानव जीवन जीने के सफल सूत्र प्रदान करते है। आवश्यकता है ऐसे ग्रंथों का अध्ययन किसी तत्वदर्शी महापुरुषों के सनिध्य में की जाय। हमारे संत महापुरुष इन ग्रंथों के माध्यम से समाज को संगठित सुव्यवस्थित करने का प्रयास करते है। भगवान कृष्ण की लीलाओं से परिपूर्ण श्रीमदभागवत महापुराण अध्यात्म विज्ञान का से युक्त जन जन को कल्याण का मार्ग प्रसस्थ करता है।
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