पूर्णियाँ /बालमुकुन्द यादव
बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा हो चुकी है। डिजिटल क्रांति के इस युग में चुनावी घोषणा होते ही लोगों तक रियल टाइम सूचनाएं पहुंच जाती हैं। हालांकि, 80 और 90 के दशक में स्थिति बिल्कुल अलग थी।उस समय लोगों को चुनाव की घोषणा की जानकारी मुख्य रूप से रेडियो या अखबारों से मिलती थी। ग्रामीण इलाकों में अखबारों की पहुंच कम थी और उन्हें पहुंचने में भी एक से दो दिन लग जाते थे
रूपौली के बांकी निवासी 80 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक महेश्वर प्रसाद यादव बताते हैं कि 80 के दशक तक ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव की तारीखों की जानकारी रेडियो से ही मिलती थी।गांव में कुछ बड़े लोगों के घरों में ही रेडियो होता था। जब रेडियो पर समाचार बजता था, तो टोले-मोहल्ले के लोग खबर सुनने के लिए उनके घर के बाहर भीड़ लगा लेते थे।जो लोग पढ़े-लिखे और राजनीति की अच्छी समझ रखते थे, वे रात में बीबीसी सुनकर चुनावी घोषणाओं और राजनीतिक घटनाक्रम का निचोड़ समझते थे।


Post a Comment