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कॉंग्रेस ने इलेक्शन कमीशन से पूछा पूर्णियां में 68,102 मतदाता के नाम क्यों काटे गए?

पटना/सिटिहलचल न्यूज

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  राजेश राम ने पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में बिहार में गहन वोटर पुनरीक्षण  और वोटर अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से बात की। उन्होंने इलेक्शन कमीशन का स्वागत किया, लेकिन उनके गहन वोटर पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसमें हुई विसंगतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2025 को एसआईआर के माध्यम से लगभग 65,64,000 नाम हटाए गए, और 30 सितंबर 2025 को लगभग 68,60,000 नाम काटे गए, जिनमें 3,66,000 नाम पुनः अंकित किए गए। इसके अलावा, फॉर्म 6ई के माध्यम से 21,53,000 नए वोटर जोड़े गए, जिनमें कई 65 से 70 वर्ष के मतदाता शामिल हैं। उन्होंने आधार जोड़ने की प्रक्रिया में हुई देरी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसे मान्यता मिलने पर सवाल उठाए


बिहार कॉंग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर से संबंधित 12 डिमांड्स रखी हैं, जिनमें मृतक वोटरों की पूरी सूची, फॉर्म 6ई के तहत जोड़े और काटे गए नाम, उनकी उम्र और लिंग सहित सूची, महिलाओं के नाम कटने और जुड़ने के कारण, पलायन किए गए लोगों के नाम और अन्य विसंगतियों की स्पष्ट जानकारी शामिल है। उन्होंने बताया कि जमुई जिले में एक ही घर के पते पर 247 मतदाता दर्ज पाए गए हैं। वहीं मुजफ्फरपुर में एक ही व्यक्ति का नाम तीन-तीन जगह पर वोटर लिस्ट में दर्ज मिला है। कहीं सैकड़ों वोट एक ही मकान नंबर पर, तो कहीं मृतकों और एक ही पिता के नाम पर कई वोटर मिले है। राजेश राम ने कहा कि पूर्णिया विधानसभा में आखिर सबसे ज्यादा 68,102 वोटर क्यों घटाए गए, जबकि 2020 में जीत का अंतर केवल 32,154 वोट था। इसके अलावे गया विधानसभा क्षेत्र में भी 2,841 वोट घटे, जबकि 2020 में बीजेपी उम्मीदवार ने केवल 1,634 वोट से जीत दर्ज की थी, यानी यह बदलाव परिणाम पर असर डाल सकता है


उन्होंने पटना में दो अकीला बानो नामक महिलाओं और सुधांशु कुमार के मामलों का भी हवाला दिया, जहां नाम और फोटो समान हैं लेकिन एपिक नंबर अलग है। राजेश राम ने कहा कि इतनी जल्दी और गहनता से किए गए वोटर पुनरीक्षण में त्रुटियां स्पष्ट हैं और इससे वोटर प्रतिशत और चुनाव परिणाम पर सीधा असर पड़ सकता है। उन्होंने मीडिया और जनता से अपील की कि वोटर सूची में हो रही त्रुटियों और वोटर अधिकारों की रक्षा के लिए सजग रहें और इलेक्शन कमीशन सभी विसंगतियों का जवाब दे तथा डिलीट और एडिशन में हुई त्रुटियों का समाधान करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर से संबंधित सभी 12 डिमांड्स रखी हैं और अब तक इलेक्शन कमीशन का जवाब नहीं मिला है। राजेश राम ने प्रेस वार्ता का समापन करते हुए कहा कि बिहार की जनता को सजग रहना होगा और वोटर अधिकारों की सुरक्षा के लिए सचेत रहना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी और वोट चोरी को रोका जा सके।

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