पूर्णियां/सिटिहलचल न्यूज
किलिमंजारो पर गूँजा पूर्णिया का नाम राजीव मोदी ने बर्फीली चोटी पर दून इंटरनेशनल स्कूल का झंडा फहराकर रचा इतिहास. इस यात्रा में श्रीमती परमिता देवनाथ उनकी पत्नी भी शामिल रहीं और उन्होंने भी बखूबी चढ़ाई पूरी करी. अफ्रीका की सबसे ऊँची चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर/19,341 फीट) की बर्फीली हवाओं के बीच जब पूर्णिया के दून इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर राजीव मोदी ने शिखर पर कदम रखा, तो यह सिर्फ उनकी जीत नहीं थी। यह पूर्णिया और दून इंटरनेशनल स्कूल का गर्व का पल था
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह निष्क्रिय ज्वालामुखी पर्वत 'सेवन समिट्स' की सूची में गिना जाता है। नौ दिन चले इस साहसिक अभियान की सबसे कठिन घड़ी तब आई, जब लगातार 19 घंटे तक ट्रेकिंग करनी पड़ी। राजीव मोदी ने अपने साथियों और मार्गदर्शक मित्र के सहयोग के लिए आभार जताया और इस सफलता को अपने पिता डॉ. के. पी. मोदी को समर्पित किया। पूर्व में एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुँच चुके राजीव मोदी ने कहा “यह मेरे लिए सिर्फ एक शिखर नहीं, बल्कि मेरे शहर और दून इंटरनेशनल स्कूल पूर्णिया का झंडा दुनिया की सबसे ऊँची चोटियों पर ले जाने का संकल्प है।”


Post a Comment