कटिहार/बालमुकुन्द यादव
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्यूलर) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव आरफीन बहार ने रविवार को पार्टी से नाता तोड़ लिया है।आरफीन बहार ने अपने पद का त्याग करते हुए हम पार्टी की सदस्यता से भी त्याग पत्र दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र हम के अल्पसंख्यक प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है। आरफीन बहार ने अपने त्याग पत्र में लिखा है कि हम (से.) के एनडीए गठबंधन से अलग होने के बाद से मैं हम (से.) का सदस्य हूं
मैंने हम (से.) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के पद पर रह कर दायित्व निभाया है। वर्तमान में राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान है कि "अब से हम बीजेपी का हिस्सा हैं" से असंतुष्ट होकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव के पद से इस्तीफा देता हूं। मीडिया से बात करते हुए आरफीन बहार ने जीतन राम मांझी पर कुर्सी के लिए विचारधारा से समझौता करने का आरोप लगाया
उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी ने पार्टी के विचारधारा से समझौता करते हुए बीजेपी के विचारधारा को अपनाने का काम कर बिहार के गरीब,पिछड़ा अति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक के साथ विश्वासघात किया है। जिसका नुकसान जीतन राम मांझी को 24 और 25 के चुनाव में देखने को मिलेगा। बिहार की जनता जीतनराम मांझी को करारा जवाब देगी।



Post a Comment