रुपौली।विकास कुमार झा
पूर्णिया। अपने तो यह गाना सुना होगा कि.. दुनिया है कालाबाजार यह पैसा बोलता है। अगर आपके पास पैसा है तो इसके बल पर किसी भी काम को गलत और गलत को सही किया जा सकता है। ठीक यही कहावत रूपौली सीओ राजेश कुमार पर चरितार्थ हो रही है। उनके कारनामे आजकल रुपौली प्रखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि रुपौली सीओ के द्वारा जिस जमीन का पूर्व में दो बार दाखिल खारिज का आवेदन रद्द कर दिया। उसी जमीन का पर्चा फिर एक धन्ना सेठ के नाम निर्गत कर दिया। यह काम कैसे हुआ होगा आप बखूबी समझते होंगे।
पूरे मामले को लेकर सोनु कुमार पिता स्वर्गीय धुधली मंडल घर धोबगिद्धा वार्ड 14 निवासी के द्वारा एडिशनल कलक्टर ऑफ पूर्णिया को आवेदन दिया गया है। अपने दिए आवेदन में सोनू कुमार के द्वारा यह आरोप लगाया गया है मेरे दादा स्व0 महादेव मंडल के नाम से भू-दान प्रमाण पत्र संख्या 698969 के माध्यम से मौजा रामपुर परिहत थाना नं0- 258 खाता संख्या-71 खेसरा संख्या-1446 कुल रकवा 59 डी0 जमीन प्राप्त है। जिसका जमाबंदी संख्या 2567 मेरे पिता स्व० धुधली मंडल व मेरे चाचा बासुदेव मंडल के नाम से कायम है। मेरा 2024 तक का लगान रसीद कटा हुआ है। उपरोक्त जमीन पर मेरे दादा का कब्जा था उसके बाद मेरे पिता व चाचा का अब मेरे उपरोक्त जमीन मेरे दखल कब्जा में है। उपरोक्त जमीन से जबरदस्ती गलत कागजात के बल पर श्री शम्भु शरण पिता श्री सिंकदर भगत साकिन+थाना-रूपौली, जिला-पूर्णियाँ को बेदखल करना चाहता है। मैने इस बात की लिखित शिकायत थानाध्यक्ष रूपौली व अंचलाधिकारी रूपौली को किया। परन्तु किसी ने कुछ नहीं किया। युवक का आरोप है कि शम्भु शरण गलत कागजात के आधार जमाबंदी के लिए आवेदन दिया जिसे अंचलाधिकारी रूपौली ने कई बार खारिज किया, परन्तु इस बार शंभु शरण ने अंचलाधिकारी रूपौली को पैसा के बल पर मिला लिया।वही जब मैं अंचलाधिकारी रूपौली को इस बार लिखित आवेदन दिया तो उन्होनें मुझे गाली गलौज देकर भगा दिया। मैने इस बात का शिकायत डी०सी०एल०आर० धमदाहा को भी को दिया परन्तु मेरा कुछ नहीं सुना गया और शंभु शरण का आवेदन स्वीकृत कर जमाबंदी कायम कर दिया गया। जबकि मुझे किसी तरह की जानकारी नहीं दिया गया।
वही आपको यह भी बताते चलें शंभु शरण और अंचलाधिकारी रुपौली राजेश कुमार की दोस्ती का भी चर्चा रुपौली क्षेत्रों में काफ़ी होती है,जिस समय रुपौली स्टेट हाइवे 65 पर से अतिक्रमण ख़ाली करवाईं जा रही थी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में उक्त माफी के समय रेड निशान लगा दिए गए लेकिन जिस समय बुल्डोजर चल रही थी तो गरीबों का झोपड़ी उखाड़ दिया गया। लेकिन शंभु शरण के मकान में ख़रोंच तक नहीं आने दिया गया। अंचलाधिकारी राजेश कुमार से उनका पक्ष जानने जब उन्हें फोन किया गया तो वह बोलें पर्चा भूदान कमेटी से मिला है और हम डीसीएलआर धमदाहा के निर्गत पत्र पर लगान निर्धारित किए हैं। उन्होंने पैसा लेन देन का आरोप बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भूदान की जमीन का डीड करने वाले लोगों पर जांच कर मामला दर्ज करवाया जाएगा।



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