कटिहार/बालमुकुन्द यादव
ईद-उल-अजहा यानी बकरीद इस साल 29 जून को मनाई जाएगी। बकरीद पर्व मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए अहम त्योहारों में से एक है। इस त्योहार को बलिदान का प्रतीक भी माना जाता है। बकरीद पर्व पर मुस्लिम समुदाय के लोग सबसे पहले ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं। इसके बाद जानवर की कुर्बानी देते हैं
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव आरफीन बहार ने बकरीद के मोके पर सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी हरगिज न करने तथा कुर्बानी का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर न डालने की लोगों से अपील की है।आरफीन बहार ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी के बाद जानवर के अपशिष्ट को किसी भी पब्लिक प्लेस पर न फेंके
हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है। यहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं। उनकी भावनाओं का भी हमें ख्याल रखना है।आरफीन बहार ने कहा कि बकरीद खुशी का त्योहार है।इस दिन हम सब देश की सलामती के लिए अल्लाह से दुआ करें। साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें।



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