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पीआरएस और मुखिया प्रतिनिधि में हुई बात की ऑडियो वायरल काम के बदले बतौर नजराना लेने का पीओ पर आरोप



रूपौली। विकास कुमार झा


कहते हैं ना सैया भईल कोतवाल तो डर काहे को इसी कहावत को चरितार्थ कर रही है, रूपौली मनरेगा मामले से जुड़ी वायरल ऑडियो।( वायरल ऑडियो की सिटी हलचल न्यूज़ पुष्टि नहीं करती है) पीआरएस संजय कुमार व मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार के बीच जो बातचीत हो रही है, उससे लगता है ,पीआरएस संजय कुमार को डर किसी बात की नहीं है वह बिना किसी डर के मुखिया प्रतिनिधि से फोन पर यह बात कर रहे हैं, हम तो अकाउंट में लिए बाकी पीटीए और पीओ को मैंने नगद रुपए निकाल कर दिया है। अब इससे ज्यादा भ्रष्टाचार के सबूत क्या हो सकती है ,जब खुद एक पीआरएस यह कबूल रहा हो ऊपर के अधिकारी को हमने बतौर नजराना पहुंचाया है। वही पीआरएस  संजय कुमार के वायरल ऑडियो के साथ ही दूसरा भी ऑडियो बरी तेजी से वायरल हो रही है


जिसमें पीटीए अरविंद के द्वारा मुखिया प्रतिनिधि को फोन लगाकर कहा जाता है की कौन ऑडियो ग्रुप में डाल देलिए मुखिया जी, फिर मुखिया प्रतिनिधि कहते हैं अब बर्दाश्त नहीं होने वाली बात है, हम जमीन बेचकर मुखिया गिरी नहीं करने वाले हैं, हाथ पैर पकड़ कर मुखिया बने हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम अपना सारी संपत्ति को बेचकर विकास करें, फिर पीटीए अरविंद कहते हैं आहां उ डीलिट करूं तब हम बात करब फिर मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार कहते हैं वायरल ऑडियो अब ते डीलिट नहीं ए डीलिट होते, चाहें जे हो जाएं। अब देखिए सुशासन बाबू आपके राज्य के अधिकारी किस तरह से अखंड भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। वहीं मामले की जांच करने आए डीपीओ नीरज कुमार ठाकुर के द्वारा सभी का बयान कलमबद्ध कर के जिला के वरिय पदाधिकारी को सौंप दिया गया है। पीआरएस संजय कुमार से जब उनका पक्ष जानने उन्हें फोन किए तो उनका कहना हुआ वायरल ऑडियो मेरा ही है और योजना में बतौर नजराना की बात सही है।



मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार और पीआरएस संजय कुमार की बीच का वायरल ऑडियो का कुछ अंश


मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार किस को पैसा दिए पीआरएस जी फिर

पीआरएस संजय ने कहा आप अकाउंट में देते थे ,हम अकाउंट से निकाल कर देते थे कैश, फिर मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार हम अकाउंट में देते थे आप निकाल कर देते थे। पीआरएस संजय ने फिर कहा अकाउंट में लेता कहां था डर से पीआरएस संजय एक दो बार अपको अकाउंट लिखाया गया था हम नहीं मारे थे, आप मारे थे या आपके इकबाल ने मारा होगा वहीं से ट्रांसफर हुआ था,हम तो सबको बोले थे सब अपना अपना अकाउंट दीजिए कहां हिम्मत हुआ किसी को अकाउंट में लेने का फिर मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार पीओ को पैसा कैसे दिए हैं, फिर पीआरएस संजय कुमार उ तो अकाउंट में लेने को तैयार कहां हुए बोले अकाउंट दीजिए हल्ला कर रहे हैं तो पीओ ,अकाउंट में लिया कहां उनको तो नगद ही दिए हैं ,फिर मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कितना बार पैसा दिए हैं, पीओ को तीन बार या चार बार फिर पीआरएस संजय ने कहा चार बार एक बार 55 हजार फिर आप दिए 20 हजार फिर उसके बाद 18 हजार 15,1617, हजार रुपए कर के ऐसे ही दिया गया है पैसा उनको ।फिर मुखिया प्रतिनिधि विक्रम कुमार इतना इतना पैसा ले लिया और एमबी कहता है ज़ीरो करेंगे। वहीं जब मनरेगा पीओ मुरलीधर मोदी से उनका पक्ष जानने उनको जब फ़ोन किए तो उनका कहना हुआ अभी हम परेशान हैं,बात नहीं कर सकते।

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