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कालाजार से निजात के लिए गुणवत्तापूर्ण छिड़काव अतिआवश्यक- भीडीसीओ



कोढ़ा/शंभु कुमार 



कालाजार से निजात को लेकर कोढा प्रखंड अंतर्गत भटवारा पंचायत के कुर्सी नारायण पुर संथाली मुखिया टोला में चल रहे छिड़काव कार्य का निरीक्षण भीडीसीओ नंद कुमार मिश्र ने किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने छिड़काव कराये गये कई गृह मालिकों को आवश्यक जानकारी देते हुए जागरूक करते हुए कहा की कालाजार एक घातक बीमारी है जिसका की बचाव हेतु सिंथेटिक पराथोराईड नामक दवाई के छिड़काव से निजात पाया जा सकता है । कालाजार से बचाव हेतु छिड़काव के साथ इस बीमारी के उपचार हेतु नई चिकित्सा पद्धति द्वारा जिसमें की एक सुई की सिंगल डोज अंबिसोम के द्वारा निशुल्क इलाज किया जाता है। यह सुविधा सभी कालाजार प्रभावित जिलों के सदर अस्पताल व चुनिंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध है ।वही पीकेडीएल कालाजार जनित त्वचा रोग मनुष्य का इलाज मिलफोरसी दवा से कोढा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावे कई जिलों में उपलब्ध है। कलाकार फैलाव को रोकने के लिए वर्ष में दो बार पांच परसेंट एसपी घोल का छिड़काव किया जाता है। जिससे कि रोग वाहक बालू मक्खी मर जाती है। कीटनाशक एसपी दवा के समय निम्न बातों पर आप सभी गृह मालिक निश्चित रूप से ध्यान देना आवश्यक है छिड़काव पूर्व घर के अंदरूनी दिवाल की छेद दरार को बंद कर दें घर के सभी कमरों रसोईघर पूजा घर एवं गौशाला के अंदरूनी दीवार के दरारों को भरकर ही आप सभी गृह छिड़काव कराने का प्रयास करें। छिड़काव के 2 घंटे पश्चात घर में प्रवेश करें छिड़काव के पूर्व भोजन सामग्री बर्तन कपड़े आदि को घर से बाहर रख दे ढाई से 3 माह तक दीवारों पर किसी भी प्रकार का कोई लिपाई पुताई ना करें।


जिससे की कीटनाशक दवाई का असर बना रहे। यथासंभव सोने वक्त मच्छरदानी का प्रयोग करें जमीन पर सोने से बचें आसपास में जलजमाव नहीं होने दे। कालाजार का लक्षण दिखने पर जिसमें कि शरीर का रंग काला पड़ने के साथ 15 दिनों से अधिक तक बुखार रहना यकृत लीवर का बढ़ जाना अगर दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर जांच कराएं जांच उपरांत अगर कालाजार पाया जाता है तो उनका जांच व इलाज मुक्त किया जाएगा। मरीजों को पूर्ण रूप से उपचार होने पर देश में पहली बार बिहार राज्य में मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना से सभी कालाजार मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति राशि के रूप में ₹6600 देने का प्रावधान किया गया है ।एवं भारत सरकार द्वारा भी रोगीयो को ₹500 कुल 7100 तथा आरकेडीएल रोगी को कुल ₹4000 दिए जाने का प्रावधान है। वही डॉक्टर दिलीप के द्वारा सभी दल को गुणवत्तापूर्ण छिड़काव के लिए कई आवश्यक निर्देश भी दिए वही इस निरीक्षण के क्रम में एसएफडब्ल्यू मुल्हाय रविदास, कैलाश पासवान , अरूण कुमार मंडल, रामदेव शर्मा,कैलाश दास व अन्य कर्मी मौजूद थे।

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