पूर्णियाँ /सिटी हलचल न्यूज़
राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी के पुण्यतिथि पर श्रीकृष्ण सेवा सदन मे सबों ने एकजुट होकर उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। सर्वप्रथम सदन मे सबों ने एकजुट होकर राष्ट्रकवि के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। साथ ही साथ समाज के हालिया दिनों में दिवंगत हुये लोगों को पुष्पांजलि अर्पित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता अवकाश प्राप्त प्राचार्य सदानंद शर्मा के द्वारा किया गया। वहीं संचालन मुकेश चौधरी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त कियें। साहित्यकार ललन चौधरी के द्वारा दिनकर जी के व्यक्तित्व एवं उनके कृतित्व की व्यापक रूप से चर्चा की गई
उन्होंने अपने संबोधन में दिनकर जी की रचना संस्कृति के चार अध्याय की विशेष चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह रचना अपने आप में कालजयी है,और उन्हें नोबेल पुरस्कार प्रदान किया जाना चाहिए था।वहीं दिनकर जी के नाती त्रिपुरारी शर्मा ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वे सहज हृदय और उच्च व्यक्तित्व के स्वामी थें।वे अपने आप में जहां ऊपर से क्रांतिकारी एवं कठोर थें वहीं अंदर से कोमल हृदय थें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दमैली पंचायत के मुखिया अमित चौधरी ने समाज की एकता पर बल दिया, वहीं युवाओं से नशामुक्त समाज बनाने का आहृवान किया।युवा समाजसेवी कुणाल कुमार ने दिनकर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए युवाओं को इकट्ठा होकर आगे की लड़ाई लड़ने को तैयार रहने को कहा
अपने संबोधन में उन्होंने समाज के घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व की भी बात कहीं, वहीं सर्वसमाज को साथ लेकर चलने का आह्वान भी किया।कार्यक्रम के समापन में मुकेश चौधरी ने सभी आये आगंतुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया, वहीं उन्होंने कहा कि समाज के हर लड़ाई में हम सबों को इकट्ठा रहने की आवश्यकता है।कार्यक्रम में अनिरुद्ध मेहता,नवल चौधरी,डा विजय चौधरी,बैदानंद कुंअर,विमल राय,मनोज चौधरी, आदर्श कुमार,छोटू चौधरी इत्यादि शामिल रहें।



Post a Comment