पूर्णियां से बालमुकुन्द यादव की रिपोर्ट
पूर्णिया: आज दिनांक 12 जनवरी 2022 को भारत के आध्यात्मिक गुरु युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती मुख्तार खाना में मनाई गई, जिसमें सर्वप्रथम उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने वक्तव्य की पहचान पूरे विश्व में बनाई वे धर्म और चरित्र पर विशेष उनका फोकस रहता था उनका कथन की कोई काम को करने के लिए तब तक लड़ते रहो जब तक वह काम पूरा नहीं हो जाए आज भी प्रसांगिक है 39 वर्ष की कम आयु में अपने अध्यात्म की बदौलत पूरे विश्व में भारत का परचम लहराया
युवाओं को उन्होंने अपने आदर्श और पराक्रम को जीवंत रखने का रास्ता दिखाया आज के दिन उनके जीवन से सीख लेने की आवश्यकता है ऐसे महानतम विभूति के बताए रास्ते पर चलकर ही देश आगे बढ़ सकता है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक, सुभाष पाठक गौतम वर्मा, आशुतोष कुमार झा विजय राय, संजीव सिन्हा, जियाउल हक, राजेश झा, जवाहर झा, संतोष कुमार सिन्हा आदि ने अपने अपने विचार व्यक्त किए।
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