पूर्णिया से विकास कुमार झा कि रिपोर्ट
पूर्णिया: जिला के धमदाहा प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र के पंचायत राज बिशनपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड नंबर 17 में सुरेंद्र उराँव के सात वर्षीय पुत्र मानव कुमार के गले मे एक रुपये का सिक्का फंस गया था। बच्चे को लेकर उसके परिजन काफी चिंतित थे। जब इस बात की जानकारी वहां के स्थानीय समाजसेवी कुंदन कुमार को मिली तो उन्होंने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए बच्चे को लेकर भवानीपुर स्वास्थ्य केंद्र एवं धमदाहा अनुमंडल अस्पताल में इलाज करवाया ।दोनो जगहों से परिजनों को निराशा हाथ लगी । कुंदन कुमार ने बिशनपुर पंचायत के नव निर्वाचित उप मुखिया दीपक सिंह पंकज को दुरभाष पर जानकारी दी। दीपक।सिंह ने ग्रुप पर जानकारी दी कि बच्चे के परिजनों से पूर्णिया के प्राइवेट अस्पताल में 25 से 30 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। परिजन गरीब हैं और उनके पास पैसे नही है।
फिर मेडिकल कॉलेज एंड सदर अस्पताल के तेज तर्रार डॉक्टर विकास कुमार तथा तौसीफ आलम से इस बात कर चर्चा की गई की ।डॉ विकास ने आपस में बातचीत कर कहा कि बच्चे को मेडिकल कॉलेज सदर अस्पताल इलाज हेतु बुलाया गया।फिर जल्दी तैयारी कर 10:30 बजे रात्रि में डॉक्टर विकास तथा डॉ तौसीफ ने अपने चार पांच सहयोगियों के साथ मिलकर उस बच्चे के गले से सिक्के को निकाल दिया।
उस वक्त परिजनों ने कहा कि सुबह में एक ई एन टी के डॉक्टर शंभू कुमार के यहां भी ले गया था उन्होंने 1 घंटे तक सिक्का निकालने का प्रयास किया लेकिन नहीं निकल सका। सिक्का निकलते ही उसकी मां तथा अन्य परिजन खुशी से झूमने लगे।
मामले में पूर्णिया मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के अधीक्षक विजय कुमार तथा सिविल सर्जन एसके वर्मा जिनका काफी सहयोग मिलता है।इनका स्पष्ट मानना है कि हमारे अस्पताल में मृजोंनक जितना सहयोग हो सके किया जाए। डॉक्टर विकास कुमार ने बताया की एक गरीब के बच्चे को ही ₹1 का सिक्का खेलने को मिलता है। अगर उसे 25 या 30000 ही ऑपरेशन में लग जाता तो या तो उसकी जमीन बिकती या उसके घर के पालतू जानवर या फिर उस गरीब को सूद पर कहीं से पैसा लेना पड़ता। इस समस्या से तो बच गया वह गरीब । डाक्टर विकास अपने साथी डॉक्टर तौसीफ आलम एवं टीम की काफी प्रशंसा की ।
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