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नल जल योजना में घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर बड़े राजनेता दायरे में

 


पूर्णियां से बालमुकुन्द यादव की रिपोर्ट

पूर्णिया :पूर्णिया सहित सीमांचल कोशी में हुए हर घर नल का जल योजना में ब्यापक भ्रष्टाचार को लेकर पूर्णियाँ निवासी संजय मेहता ने पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर किया है। याचिका में बिहार के हर घर नल का जल योजना के घोटालोबाज पर कार्यवाई और टेंडर प्रक्रिया में बरती गई अनियमितता की जाँच का आदेश देने की माँग की गई है। बी.कोठी थाना क्षेत्र के पटराहा निवासी संजय मेहता ने यह याचिका अपने वकील अलका वर्मा और मीरा कुमारी के माध्यम से दर्ज कराया है। इस याचिका में स्वास्थय एवं अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल, सहरसा एवं मधेपुरा के कार्यपालक अभियंता को पार्टी बनाया गया है


याचिकाकर्ता संजय मेहता ने बताया कि बिहार में हर घर नल का जल योजना के करोड़ों नहीं अरबों का घोटाला हुआ है। कई समाचार पत्रों और न्यूज चैनल में जल मीनार के गिरते फोटो और वीडियो से बिहार की छवि खराब हुई है। जल मीनार में जहाँ चार लेयर का मीनार बनना था मगर ठेकेदारों द्वारा दो लेयर में बनाया जिसके वजह से जल मीनार टूट गया। यहाँ तक कि पाइप में जहाँ आईएसआई मार्का पाइप का उपयोग करना चाहिए वहीं लोकल पाइप लगाकर पैसे की बंदरबांट की गई।श्री मेहता ने बताया कि अररिया नरपतगंज के विधायक जय प्रकाश यादव, सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल, जन अधिकार पार्टी के पप्पू यादव, बिहार विधानसभा के सभापति भाई वीरेंद्र ने हर घर नल का जल योजना में बरती जा रही अनियमितता को लेकर सरकार को पत्राचार किया मगर किसी ने इस घोटाले को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इसलिए सभी कागजातों और तथ्यों के साथ पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर किया गया है


याचिकाकर्ता संजय मेहता ने बताया कि बिहार में यह घोटाला अरबों में है। इन सभी जिला के कार्यपालक अभियंता ने सभी नियम कानून को दरकिनार करते हुए रेवाड़ी के तरह अपने चाहतो को टेंडर बांटा है। उन्होंने बताया कि बिना निविदा समिति से पास हुए करोड़ो का टेंडर नेताओ और विभाग के अधिकारियों ने अपने रिस्तेदारो को बाँट दिया। वहीं जब निविदा में डाले गए कागजातों की पड़ताल की गई तो सभी कागजात फर्जी निकले जिसे हाईकोर्ट को उपलब्ध कराया गया है


उन्होंने बताया कि 3 साल अनुभव के बाद ही किसी कंपनी को काम देने का प्रावधान है, मगर कटिहार में बिहार के एक बड़े राजनेता के दामाद और भाई को तो कंपनी बनाते ही करोड़ो का काम दे दिया गया। जिसका मामला विधानसभा में भी उठाया गया था। इसके अलावा मधेपुरा में दीपक सिंह नामक सरकारी शिक्षक को भी करोड़ो का काम दे दिया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी योजना में से एक हर घर नल का जल योजना अभी तक किसी भी घर का प्यास नहीं बुझा सका है। इस चक्कर मे सैकड़ो सड़कों को तोड़ दिया गया। इसलिए माननीय न्ययालय से इसके उच्चस्तरीय जाँच के आदेश का अनुरोध किया गया है।

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