पूर्णिया से विकास कुमार झा कि रिपोर्ट
पूर्णिया: पुलिस अधीक्षक दयाशंकर द्वारा संचालित पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में शुक्रवार को कुल 28 मामलों की सुनवाई की गई, जिसमें से 17 मामलों को निष्पादित किया गया।कटिहार जिला के फलका थाना धनकट्टा बस्ती एक बीबी मीरगंज रामपुरा बस्ती स्थित अपने पति पर आरोप लगाई की पति 4 साल से उसे छोड़ रखा है, जब वह 3 माह की गर्भवती थी उसी वक्त पति ने उसे मायके पहुंचा दिया था। इन 4 सालों में पलट कर एक बार भी ना तो पति सुध लेने आए और ना ससुराल से ही कोई व्यक्ति आया। समाचार पत्रों में पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की चर्चा पढ़ने के बाद फरियाद लेकर महिला केंद्र पहुँची और उसे अपने ससुराल भेज दिया गया।
सदर थाना के अब्दुल्ला नगर की एक पत्नी की शिकायत पर बेगूसराय के नया टोला से उसके पति को केंद्र में बुलाया गया पत्नी पति पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाई। वही पति ने पत्नी पर बेलना से कपार फोड़ देने का आरोप लगाया ।उसके बाद आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हुआ उसके बाद पत्नी मोबाइल की जिद पकड़ ली इसके बाद पति ने कहा कि किसी भी कीमत पर पत्नी को मोबाइल नहीं देगा।
दोनों की जीद को देखते हुए केंद्र के एक सदस्य ने पूछा पति चाहिए या मोबाइल हम थक हार कर पत्नी को कहना पड़ा उसे पति चाहिए इस प्रकार दोनों ही समझौता पत्र पर हस्ताक्षर बनाया और पत्नी पति के साथ बेगूसराय के लिए प्रस्थान कर गई।
कस्बा थाना बरा ईदगांह की एक बीबी ने कस्बा के ही कुशहा स्थित अपने पति पर आरोप लगाया किसने इतना मारा कि उसका गर्भपात हो गया, वर्तमान समय में जो बेटी है उसे दूसरे की बेटी बताता है आप मुझ पर चरित्र हीनता का आरोप लगाता है केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक ने पति से पूछा क्या यह तुम्हारी बेटी नहीं है, तो पति ने कहा मेरी ही बेटी है तब केंद्र के सदस्य ने फटकार लगाते हुए कहा जब तुम्हारी बेटी है तो अपनी पत्नी पर चरित्र हीनता का आरोप क्यों लगाते हो? समझाने बुझाने पर दोनों ने आपने अपनी गलती स्वीकार की और भविष्य में कोई शिकायत नहीं होने की सौगंध खाई।
मामले को सुलझाने में केंद्र की संयोजिका सह महिला थाना अध्यक्ष किरण बाला, सदस्य दिलीप कुमार दीपक, रविंद्र शाह, जीनत रहमान प्रमोद जायसवाल ने अहम भूमिका निभाई।
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