रुपौली से विकास कुमार झा कि रिपोर्ट
रूपौली थानाक्षेत्र के धोबगिद्धा पंचायत के वार्ड संख्या 7 के कस्तूरी मंडल के तेरह वर्षीय पुत्र सिंटू कुमार को सोमवार की सुबह करीब चार बजे अचानक कंठ में दर्द हुआ ।परिजनों ने आननफानन में गांव के ही झोला झाप डॉक्टर मिथुन कुमार के बुलाया ।सिंटू की बेचैनी देख झोला छाप डॉक्टर ने सुई लगाया ।सुई लगाने के बाद भी सिंटू को कोई राहत नही मिली उल्टे बेचैनी बढ़ने लगी।झोला छाप डॉक्टर ने मरीज को अस्पताल भेजने के बजाय सलाईन शुरू कर दिया ।घंटो सलाईन करने के बाद भी सिंटू की स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई ।मरीज की स्थिति बिगड़ती देख झोला छाप डॉक्टर ने दवा लाने का बहाना बना कर धीरे से भाग खड़ा हुआ । उधर परिजन झोला छाप डॉक्टर मिथुन का इंतजार करने लगा ।इस बीच सिंटू की स्थिति काफी बिगड़ गई ।थक हार कर परिजन सिंटू को लेकर रेफरल अस्पताल पहुँचा ।लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी ।जब तक इमरजेंसी में डॉक्टर पहुँचा ।तब तक सिंटू गाड़ी पर ही दम तोड़ चुका था ।मौके पर पहुँचे चिकित्सक ने सिंटू को मृत घोषित कर दिया ।परिजनों को जैसे ही सिंटू की मौत की खवर मिली चारो तरफ चीख पुकार मच गई ।परिजन बेरंग सिंटू को मृत अवस्था मे गाड़ी से घर लेकर वापस चला गया ।इधर सिंटू की मौत की भनक लगते ही झोला छाप डॉक्टर घर मे ताला लगाकर फरार हो गया ।मृतक के पिता कस्तूरी मंडल का कहना है कि झोला छाप डॉक्टर के द्वारा गलत दवाई दी जाने की वजह से उनके बेटे की मौत हो गई ।शुरू में ही अगर उसको बीमारी समझ नही आया तो बाहर भेज देता तो शायद उनके बेटे की मौत नही होती ।थक हार कर बेटे की मौत से आक्रोशित परिजनों ने घटना की सूचना रूपौली पुलिस को दिया ।सूचना मिलते ही रूपौली थानाध्यक्ष मनोज कुमार सदलबल घटनास्थल पर पहुँच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमेटम के लिए पूर्णिया भेज दिया ।मामले के बावत रूपौली थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि फिलवक्त शव को पोस्टमेटम के लिए भेजा जारहा है ।आवेदन मिलते ही अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी।
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