पूर्णिया-किशनगंज सीमा पर बसे रेडलाइट एरिया में देह ब्यपार में धकेली गई लड़की के मौत के मामले में एक तरफ किशनगंज पुलिस सुस्त पड़ी हुई है, वही खबर चलने के बाद पूर्णिया पुलिस कुछ हरकत में आयी है। अगर जरूरत पड़ी तो पूर्णिया पुलिस किशनगंज जिले के कोचाधामन थाने से केस ट्रासफर करवाकर अनगढ़ थाना मंगवा सकती है।
सीमा विवाद में जो अनगढ़ थाना पुलिस अपने क्षेत्र से बाहर का मामला बता कर इस मामले से पल्ला झाड़ ली थी, वही अनगढ़ पुलिस कई बार इस रेडलाइट एरिया में खुद छापेमारी कर चुकी है। वहीं युवती के मौत का जिम्मेदार ऋषभ उर्फ मौसम कुछ माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था। अनगढ़ में घटना होने के बाद वह आराम से सदर थाना क्षेत्र के राजा नगर तो कभी रानी पतरा के आगा खान टोला स्थित अपने घर में रहता था।
वहीं मामला सुर्खियों में आने के बाद अपने पास रखी लड़कियो को अपने फूफा और अपने भाई राजीव शाह के जिम्मे लगाकर बंगाल भाग गया। ऋषभ उर्फ मौसम के बाद अब पूरी तरह से धंधे की कमान राजीव शाह ने संभाल ली है। सदर थाना क्षेत्र के राजा नगर, जीरो माइल और खुश्कीबाग रेडलाइट एरिया में लड़कियां रख आराम से धंधे को अंजाम दे रहा है। वहीं बेफिक्र होकर धंधा करने से राजीव अन्य धंदेबाजो के आँख की किरकिरी बना हुआ है। लोगो ने उसे नई लडकिया तुरंत हटाने की सलाह दे डाली है। अब सवाल यह उठता है कि यह नई लडकिया कौन है जो इस धंधे में आई है? कहीं अनगढ़ में लायी गई लड़कियों के तरह इन लड़कियों को भी प्रेम जाल में तो नहीं फसाकर लाया गया है?
वहीं दूसरी तरफ जिले के हिंदूवादी संगठन इस मामले को लव जिहाद से भी जोड़कर देख रहे है, क्योंकि मृत लड़की का नाम खुशी बताया जा रहा है। इस घटना को हुए 10 दिन होने को चला है, मगर पुलिस की कार्यवाई शून्य है। घटना के बाद दलाल ऋषभ उर्फ मौसम कई दिनों तक पूर्णिया में रहा। उसके बाद मामला बिगड़ने के बाद अपने लड़कियों को अन्य लोगो के पास ठिकाने भी लगाता रहा। या यूं कहें कि पुलिस ने उसे बचने का भरपूर मौका दिया। वहीं खुशी जैसी दर्जनों लडकिया अभी भी ऋषभ उर्फ मौसम के परिवार के कब्जे में है जिससे पूर्णिया के जीरो माइल, राजा नगर, खुश्की बाग, बेगूसराय के बखरी, किशनगंज, बंगाल के पंजीपरा और मुम्बई में देह ब्यपार कराया जा रहा है।
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