पत्नी को विदा कराने की कोशिश में एक पति को फिर परिवार परामर्श केंद्र का दरवाजा खटखटाना पड़ा। के.नगर थाना क्षेत्र के इस पति-पत्नी के विवाद में पहले महिला थाना में दोनों के बीच समझौता कराया गया था, लेकिन विदाई को लेकर दोबारा विवाद खड़ा हो गया। शुक्रवार को पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में सुनवाई के दौरान काफी समझाने-बुझाने के बाद अगले शुक्रवार को केंद्र के माध्यम से पत्नी की विदाई कराने पर सहमति बनी।सुनवाई के दौरान पति ने बताया कि महिला थाना के निर्देश पर वह पत्नी को विदा कराने ससुराल गया था, लेकिन ससुराल वालों ने पत्नी को विदा नहीं किया। दूसरी ओर, पत्नी की मां ने पति के दावे को गलत बताते हुए कहा कि वह विदाई कराने आया ही नहीं था। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद केंद्र के सदस्यों ने मामले को समझने और विवाद सुलझाने का प्रयास किया।केंद्र के सदस्यों ने दोनों पक्षों को समझाया कि आपसी विवाद को बढ़ाने के बजाय बातचीत से समाधान निकालना चाहिए। काफी देर तक चली समझाइश के बाद अगले शुक्रवार को परिवार परामर्श केंद्र के माध्यम से विदाई कराने पर सहमति बनी।
18 मामलों की हुई सुनवाई
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में कुल 18 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें छह मामलों का निष्पादन किया गया। तीन मामलों में आपसी समझौता कराया गया, जबकि तीन मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थाना अथवा न्यायालय भेज दिया गया।मामले के समाधान में केंद्र के सदस्य अधिवक्ता दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्यंत्री, बबीता चौधरी, प्रमोद जायसवाल, रविंद्र शाह और नारायण गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई।

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