किसी को मक्का-मखाना कारोबार में मुनाफे का सपना, किसी को होटल बिजनेस का भरोसा, तो किसी को सस्ती जमीन-मकान का लालच! बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक तक से 50 लाख लेने का आरोप, पिता का FD तुड़वाकर लगाया पैसा; अब नेपाल में 50 करोड़ की फैक्ट्री के प्रोजेक्ट की चर्चा।
पूर्णिया/कसबा/सिटी हलचल न्यूज़
ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे लीला ने ठगा नहीं! पूर्णिया के कसबा में मनोज कुमार उर्फ लीला पर लग रहे ठगी के आरोपों की कहानी कुछ इसी अंदाज में सामने आ रही है। आरोप है कि उसने रिश्ते, पहचान और भरोसे को ही अपना हथियार बनाया। कारोबारी हों या दवा दुकानदार, होटल संचालक हों या अपने घर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आने वाला शिक्षक—कथित तौर पर हर किसी को बेहतर भविष्य और मोटी कमाई का सपना दिखाया गया। किसी ने कारोबार के नाम पर पैसे दिए, तो किसी ने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी दांव पर लगा दी।अब तक सामने आए आरोपों के मुताबिक, कथित ठगी की रकम 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पीड़ितों को आशंका है कि जैसे-जैसे नए मामले सामने आएंगे, यह आंकड़ा 50 करोड़ रुपये के पार भी जा सकता है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतने बड़े-बड़े सपने दिखाने के बीच नेपाल के विराटनगर में करीब 50 करोड़ रुपये के फैक्ट्री प्रोजेक्ट की चर्चा भी सामने आई है
किसी को कारोबार का सपना, किसी को सस्ती जमीन का लालच!
कसबा थाना क्षेत्र के घुरदौड़ वार्ड नंबर-8 के रहने वाले मनोज कुमार उर्फ लीला पर आरोप है कि उसने मक्का और मखाना के कारोबार में मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर कसबा और गुलाबबाग के कई व्यापारियों से पैसे लिए। कारोबार में कमाई की उम्मीद में लोगों ने उस पर भरोसा किया, लेकिन अब कथित ठगी के आरोप सामने आने के बाद पीड़ित अपनी रकम वापस पाने के लिए परेशान हैं।बताया जाता है कि खुश्कीबाग के एक होटल में ठहरने के दौरान होटल संचालक को भी कारोबार के सपने दिखाए गए और उससे लाखों रुपये लेने का आरोप है। यानी कथित ठगी का दायरा सिर्फ व्यापारियों तक सीमित नहीं रहा। आरोपों की फेहरिस्त में ऐसे लोग भी हैं, जिनका आरोपी से रिश्ता कारोबार का नहीं, बल्कि रोजमर्रा के विश्वास का था।
जिस घर में बच्चों को पढ़ाने जाता था शिक्षक, उसी परिवार के सदस्य पर लगाया भरोसा!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू एक निजी शिक्षक से जुड़ा है। आरोप है कि मनोज उर्फ लीला के घर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने आने वाले शिक्षक को भी कारोबार में पैसा लगाकर किस्मत बदलने का सपना दिखाया गया। भरोसा इतना गहरा था कि शिक्षक ने अपने पिता का फिक्स्ड डिपॉजिट तक तुड़वा दिया और करीब 50 लाख रुपये कथित तौर पर लीला के कारोबार में लगा दिए।जिस पैसे को परिवार ने भविष्य की सुरक्षा के लिए जमा किया था, वही रकम कारोबार में मुनाफे की उम्मीद में लगा दी गई। अब आरोपों के सामने आने के बाद शिक्षक के सामने अपनी रकम वापस पाने की चुनौती है। यह मामला बताता है कि कथित ठगी में केवल पैसों का लेन-देन नहीं, बल्कि भरोसे का भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
70 लाख की जमीन-मकान 35 लाख में! दवा दुकानदार को लगा सबसे बड़ा झटका
कथित ठगी का एक और हैरान करने वाला मामला दवा दुकानदार से जुड़ा है। आरोप है कि मनोज उर्फ लीला ने अपने घर के पास दवा दुकान चलाने वाले दुकानदार को जमीन और मकान सस्ते में बेचने का लालच दिया। करीब 70 लाख रुपये की संपत्ति महज 35 लाख रुपये में मिलने की बात कही गई।आधी कीमत में संपत्ति मिलने की उम्मीद में दुकानदार ने पैसों का इंतजाम किया और कथित तौर पर 35 लाख रुपये दे दिए। लेकिन आरोप है कि रकम लेने के महज दो दिन बाद ही लीला फरार हो गया। बाद में जब जमीन के मालिकाना हक की पड़ताल की गई, तो दुकानदार को कथित तौर पर पता चला कि जिस जमीन के लिए उसने पैसे दिए थे, वह आरोपी की थी ही नहीं
FIR दर्ज, जमानत खारिज होने का दावा; फिर भी गिरफ्तारी का इंतजार
मामले में कसबा थाना में FIR संख्या 269/26 दर्ज होने की बात सामने आई है। पीड़ितों का आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया और इसी दौरान उसे अपना सामान समेटकर फरार होने का मौका मिल गया।पीड़ितों के मुताबिक, पूर्णिया व्यवहार न्यायालय से आरोपी की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर वे सवाल उठा रहे हैं।
करीब एक दर्जन पीड़ित पहुंचे SSP के पास, SDPO-2 को गिरफ्तारी का निर्देश
जब कथित ठगी के शिकार लोग एक-एक कर सामने आने लगे, तो करीब एक दर्जन पीड़ितों ने पूर्णिया के एसएसपी से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। बताया जाता है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एसडीपीओ-2 को आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।अब पीड़ितों को पुलिस की कार्रवाई का इंतजार है। उनकी मांग है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए, कथित लेन-देन की जांच हो और उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
20 करोड़ से शुरू हुई कहानी 50 करोड़ तक पहुंचेगी?
मनोज उर्फ लीला पर लगे आरोपों की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, वैसे-वैसे नए पीड़ितों के सामने आने की आशंका भी बढ़ रही है। मक्का-मखाना कारोबार से लेकर होटल, ट्यूशन शिक्षक और जमीन-मकान तक के मामले सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल कथित ठगी की कुल रकम को लेकर है।क्या यह रकम वाकई 20 करोड़ रुपये से अधिक है? क्या नेपाल के विराटनगर में बताए जा रहे फैक्ट्री प्रोजेक्ट का इस मामले से कोई संबंध है? और सबसे अहम—अगर इतने लोगों ने पैसे दिए, तो समय रहते शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो सकी?फिलहाल ये सवाल जांच के दायरे में हैं। लेकिन पीड़ितों की शिकायतों ने एक बात साफ कर दी है कि कथित ठगी की इस कहानी में सबसे बड़ा नुकसान केवल पैसों का नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी है, जिसके आधार पर लोगों ने अपनी जमा-पूंजी सौंप दी।कसबा में अब लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर लीला ने किसे नहीं ठगा? और क्या पुलिस की कार्रवाई से इस कथित ठगी के पूरे खेल का पर्दाफाश हो पाएगा?



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