बिहार के मधेपुरा में दिनदहाड़े बाइक सवार अपराधियों ने एक 25 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान घैलाढ़ थाना क्षेत्र के इनरवा गांव के वार्ड संख्या-7 निवासी सुनील यादव के पुत्र प्रिंस रंजन के रूप में हुई है। वह बीएन मंडल विश्वविद्यालय में पीएचडी के छात्र थे। प्रिंस रंजन राजद विधायक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के ममेरे भाई भी थे। शुक्रवार दोपहर हुई इस वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। फिलहाल हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे प्रिंस रंजन अपनी पल्सर बाइक से घर से बीएन मंडल विश्वविद्यालय जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान गोढ़ियारी चिमनी के पास नहर के पश्चिम बाइक सवार अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया और गोली चला दी।गोली प्रिंस रंजन की पीठ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों और परिचितों के बीच शोक की लहर फैल गई।प्रिंस रंजन महज 25 वर्ष के थे और बीएन मंडल विश्वविद्यालय में पीएचडी की पढ़ाई कर रहे थे। वह अपने शैक्षणिक जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस वारदात ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है
उनकी हत्या की खबर से गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। हालांकि, घटना के समय अपराधियों की पहचान, उनकी संख्या और वारदात को अंजाम देने के पीछे के कारणों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।प्रिंस रंजन का संबंध राजद विधायक एवं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री प्रो. चंद्रशेखर के परिवार से भी था। वह प्रो. चंद्रशेखर के ममेरे भाई थे। इस कारण घटना की खबर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।इस हत्याकांड को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर प्रिंस रंजन को किस वजह से निशाना बनाया गया। क्या अपराधियों की उनसे कोई पुरानी रंजिश थी या हत्या के पीछे कोई अन्य कारण था? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं।दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वारदात में कौन-कौन शामिल था और अपराधियों ने प्रिंस रंजन को ही क्यों निशाना बनाया, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।फिलहाल हत्या की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई से ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।मधेपुरा में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 25 वर्षीय पीएचडी छात्र की हत्या से जुड़े कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।



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