कटिहार/सिटी हलचल न्यूज़
जिस बेटे को मां ने परिवार की खुशहाली का सपना लेकर रोजी-रोटी कमाने के लिए घर से विदा किया था, उसकी सलामती की उम्मीद 16 दिनों तक फोन की घंटी से जुड़ी रही। मां और पत्नी हर दिन उसके फोन का इंतजार करती रहीं, लेकिन जब कुरसेला रेलवे स्टेशन पर मिले एक अज्ञात युवक के शव की तस्वीर सामने आई तो परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तस्वीर देखकर शव की पहचान फलका प्रखंड के बरेटा गांव निवासी मिथुन कुमार यादव के रूप में की है। हालांकि, रेल पुलिस की ओर से पहचान की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।मिथुन कुमार यादव, पिता स्वर्गीय कदरी यादव, करीब 16 दिन पहले अपनी मां रुमनी देवी और पत्नी अंजली देवी से मुलाकात कर काम की तलाश में पुणे निकला था। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत कर घर की आर्थिक स्थिति सुधारेगा और अपने तीन बच्चों का भविष्य संवारेगा। लेकिन घर से निकलने के बाद उससे संपर्क नहीं होने पर परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती गई
हर आहट पर जागती रही मां की उम्मीद
परिजनों के अनुसार, शुरुआत में मिथुन का फोन नहीं आने पर परिवार ने इसे सफर और काम की व्यस्तता समझा। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी जब उससे कोई संपर्क नहीं हुआ तो मां रुमनी देवी और पत्नी अंजली देवी बेचैन हो उठीं। मां को उम्मीद थी कि बेटा फोन कर अपनी सलामती की खबर देगा, जबकि पत्नी उसके लौटने की राह देख रही थी।करीब 16 दिनों तक संपर्क नहीं होने पर परिजन उसकी खोजबीन में जुट गए। इसी बीच कुरसेला रेलवे स्टेशन पर अज्ञात युवक का शव मिलने की जानकारी सामने आई। स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से जब परिवार ने शव की तस्वीर देखी तो उन्होंने युवक को मिथुन कुमार यादव बताया। तस्वीर देखते ही परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं और घर में मातम पसर गया।
पत्नी और तीन बच्चों के भविष्य की चिंता
मिथुन अपने पीछे पत्नी अंजली देवी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने और बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए ही वह कमाने निकला था। अब उसकी मौत की आशंका ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मां रुमनी देवी और पत्नी अंजली देवी का रो-रोकर बुरा हाल है
27 सितंबर को मिला था अज्ञात युवक का शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 सितंबर 2026 को कुरसेला रेलवे स्टेशन के पास कटिहार-बरौनी रेलखंड की अप लाइन पर गुजर रही मालगाड़ी की चपेट में आने से एक अज्ञात युवक की मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर रेल पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। उस समय मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी।परिजनों का दावा है कि तस्वीर मिथुन कुमार यादव की है। हालांकि, तस्वीर के आधार पर की गई पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। शव की पहचान और घटना से जुड़े तथ्यों को लेकर रेल पुलिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल परिवार को रेल पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने का इंतजार है। जिस बेटे के फोन की घंटी सुनने के लिए मां की आंखें 16 दिनों तक तरसती रहीं, उसकी तलाश का अंत क्या इस दर्दनाक खबर के साथ हुआ है, इसका जवाब अब आधिकारिक पुष्टि के बाद ही मिल सकेगा।



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