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जमीनी विवाद में नापी के दौरान हंगामा, अमीन सहित कर्मियों का विरोध, नापी कार्य रुका

 

बरारी /आदर्श चौधरी

बरारी/कटिहार : बरारी प्रखंड के कान्तनगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 4 सिमराहा में गुरुवार को जमीनी विवाद को लेकर नापी के दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रथम पक्ष के लोगों ने बिना पूर्व सूचना नापी कराने का आरोप लगाते हुए अमीन एवं उनके साथ आए कर्मियों का विरोध किया, जिसके कारण नापी का कार्य रोक दिया गया।प्रथम पक्ष के अब्दुल रज्जाक, जमालुद्दीन, मो. नौसाद, मो. हासेन एवं मो. मकसूद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1990 में खाता संख्या 29, खेसरा संख्या 1659 में 66 डिसमिल तथा खेसरा संख्या 1658 में 9 डिसमिल भूमि खरीदी थी। खरीद के बाद लंबे समय तक जमीन की नापी नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि गांव के मो. मंजूर आलम ने भी खाता संख्या 29, खेसरा संख्या 1658 में 59 डिसमिल भूमि खरीदी थी। वर्ष 2022 में नापी के दौरान संबंधित भूमि में 8 डिसमिल की कमी पाई गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जितनी भूमि कम या अधिक होगी, उसका भार दोनों पक्ष साझा करेंगे।प्रथम पक्ष का आरोप है कि पंचायत के दौरान मो. मंजूर आलम ने निर्णय पर सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में उससे मुकर गए और अतिरिक्त भूमि की मांग करने लगे। मामला जनता दरबार भी पहुंचा, जहां पूर्व में पंचायत से हुए निर्णय का हवाला देते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया गया। अब्दुल रज्जाक का कहना है कि पंचायत के निर्णय के अनुसार कुल 8 डिसमिल भूमि की कमी में उनके हिस्से से 5 डिसमिल तथा दूसरे पक्ष के हिस्से से 3 डिसमिल भूमि कम मानी गई, जिसे वे स्वीकार कर चुके हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद दूसरा पक्ष बार-बार सरकारी एवं निजी अमीन बुलाकर बिना सूचना नापी कराने का प्रयास कर रहा है। गुरुवार को नापी के लिए पहुंचे अमीन से जब प्रथम पक्ष ने बिना सूचना नापी कराने पर आपत्ति जताई तो, उनके अनुसार, अमीन ने कहा कि यदि नापी में बाधा पहुंचाई गई तो जेल भेज दिया जाएगा और उसके बाद नापी कराई जाएगी। इस कथित बयान के बाद विवाद और बढ़ गया तथा नापी का कार्य रोक दिया गया। प्रथम पक्ष का यह भी दावा है कि इस मामले में अब तक तीन बार पंचायत हो चुकी है। अंचल के अमीन द्वारा भी पूर्व में भूमि की मापी कर अपनी रिपोर्ट अंचल कार्यालय में जमा की जा चुकी है। साथ ही संबंधित भूमि का दाखिल-खारिज भी अब्दुल रज्जाक के नाम पर होने का दावा किया गया है। दूसरे पक्ष का पक्ष और प्रशासनिक प्रतिक्रिया मिलना शेष है। दोनों पक्षों तथा अंचल प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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