Top News

पूर्णिया में सफाई व्यवस्था ध्वस्त! सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से शहर बना कूड़ाघर


पूर्णिया नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर पहले ही दिन पूरे शहर में साफ दिखाई देने लगा। शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों तक जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जबकि नालियों की सफाई भी बंद हो गई है। अगर हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं तथा गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

बिहार लोकल बॉडीज एम्प्लाइज फेडरेशन और बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर पूर्णिया जिला नगर निकाय कर्मचारी संघ ने अपनी तीन सूत्री मांगों के समर्थन में गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के पहले ही दिन नगर निगम का कामकाज और शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।

सुबह बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी हाथों में झाड़ू लेकर नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने सफाई कार्यालय में ताला जड़ दिया तथा निगम प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता रहा है।

ट्रैक्टर चालक रामलाल ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग के तहत काम कराने वाली एनजीओ कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने बताया कि आठ घंटे की ड्यूटी के बदले उन्हें प्रतिदिन केवल 365 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज भी की जाती है, जिससे वे लगातार मानसिक और आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं।

संघ के मंत्री बैद्यनाथ सिंह समेत अन्य कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं, लेकिन प्रशासन अब तक कोई ठोस पहल नहीं कर पाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक सरकार और नगर निगम प्रशासन की ओर से लिखित समझौता नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।

कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें
संविदा और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवा स्थायी की जाए।
नगर निगम की सफाई व्यवस्था में आउटसोर्सिंग व्यवस्था तत्काल समाप्त की जाए।
कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की जाए तथा बकाया भुगतान अविलंब किया जाए।
शहर की सेवाओं पर पड़ा व्यापक असर

करीब 500 से अधिक कर्मचारियों के एक साथ काम बंद करने से नगर निगम की अधिकांश सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण पूरी तरह बंद हो गया है। मुख्य सड़कें, गलियां और नालियों की सफाई ठप पड़ गई है। नगर निगम कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नागरिक सुविधाओं और विकास योजनाओं से जुड़े कई कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

हड़ताल लंबी चली तो पूर्णिया के सभी वार्डों में कचरे का अंबार लगने की आशंका है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। अब लोगों की निगाहें नगर निगम प्रशासन और राज्य सरकार पर टिकी हैं कि कर्मचारियों की मांगों पर कब तक समाधान निकलता है और शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा पटरी पर लौटती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post