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कुरसेला प्रखंड के नगर पंचायत अंतर्गत अयोध्यागंज बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में 15 जुलाई से 24 जुलाई तक श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित गुप्त नवरात्रि महोत्सव का समापन शनिवार को कलश विसर्जन के साथ संपन्न हो गया।
समापन अवसर पर मंदिर समिति के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच कलश यात्रा निकाली। बाजार भ्रमण करते हुए श्रद्धालु गंगा तट पहुंचे, जहां विधि-विधान से कलश का विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों की आंखें नम दिखीं और पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा।
मंदिर की आचार्या ने बताया कि वर्ष में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है। इनमें चैत्र और अश्विन माह की नवरात्रि सर्वाधिक प्रसिद्ध हैं, जबकि आषाढ़ और माघ माह में पड़ने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र साधना, गुप्त विद्याओं की सिद्धि और विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि 'गुप्त' का अर्थ छिपा हुआ होता है। इस दौरान साधक गुप्त रूप से देवी की आराधना एवं तंत्र साधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में मां दुर्गा की उपासना करने से विशेष सिद्धियों की प्राप्ति होती है और साधकों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
गुप्त नवरात्रि के समापन के साथ ही अयोध्यागंज दुर्गा मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हो गया।
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