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पूर्णिया जिले के कसबा थाना क्षेत्र से आंध्र प्रदेश की फैक्ट्री में काम करने गए मजदूरों की संदिग्ध मौत और कथित श्रम शोषण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी ठेकेदार मो. गुडलक को गिरफ्तार कर लिया है। सदर एसडीपीओ-2 डॉ. गौरव कुमार ने रविवार को कसबा थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी।
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर जियनगंज गांव से आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में 2 जून को कसबा निवासी मो. मसद की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद उनके पिता मो. मुस्ताक के फर्द बयान पर कसबा थाना कांड संख्या 236/26 दर्ज किया गया था। इस केस में आंध्र प्रदेश स्थित आशीर्वाद मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, प्रबंधक, ठेकेदार मो. जुनैद, उसके भाई मो. गुडलक और मो. सैफ को नामजद आरोपी बनाया गया है।
पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया कि कसबा और आसपास के क्षेत्रों से मजदूरों को अधिक वेतन का लालच देकर आंध्र प्रदेश ले जाया जाता था, जहां उनसे कथित रूप से जबरन काम कराया जाता था। पुलिस के अनुसार, वापस लौटने या भागने की कोशिश करने वाले मजदूरों के साथ मारपीट भी की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण कई मजदूर गंभीर रूप से बीमार हो गए। परिजनों द्वारा उन्हें वापस लाकर इलाज कराया गया, लेकिन अब तक छह मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि आधा दर्जन से अधिक मजदूर अब भी गंभीर हालत में हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस टीम पहले ही आंध्र प्रदेश स्थित फैक्ट्री का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटा चुकी है। मामले के मुख्य आरोपी फैक्ट्री मालिक, प्रबंधक, ठेकेदार मो. जुनैद और मो. सैफ फिलहाल फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
गौरतलब है कि जियनगंज और आसपास के गांवों से करीब दो वर्ष पहले दर्जनों मजदूरों को आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री में काम के लिए भेजा गया था। वहां उनसे पत्थर की घिसाई और टैल्कम पाउडर बनाने का काम कराया जाता था। परिजनों का आरोप है कि मजदूरों को बिना मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों के काम कराया गया, जिससे पत्थर की महीन धूल उनके फेफड़ों में जमा हो गई और वे गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए।
शुक्रवार को जियनगंज निवासी लालू ऋषि के पुत्र सरवन कुमार की पटना के आईजीएमएस में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस मामले में मृत मजदूरों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
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