कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र के मिर्जापुर (मखदमपुर) स्थित पवई संत कबीर आश्रम में सोमवार को सद्गुरु कबीर साहेब का प्राकट्य (जन्मोत्सव) महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ आश्रम के महंत वेदानंद साहेब एवं सत्संग समिति के सदस्यों ने ध्वजारोहण और "सद्गुरु कबीर साहेब की जय" के जयघोष के साथ किया। इसके बाद मखदमपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में भव्य प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
आश्रम परिसर दिनभर भजन-कीर्तन, संतवाणी, सत्संग और प्रवचनों से भक्तिमय बना रहा। विभिन्न जिलों एवं अन्य राज्यों से पहुंचे संत-महात्माओं ने कबीर साहेब के विचारों का प्रचार करते हुए मानवता, प्रेम, सत्य, समानता और सदाचार का संदेश दिया। श्रद्धालुओं के लिए सामूहिक आरती, खिचड़ी महाभोज और महाप्रसाद का भी आयोजन किया गया।
संत अभय साहेब, नंद किशोर साहेब, मिथलेश साहेब, सुधीर साहेब, राम साहेब, ज्ञानचंद साहेब, जयमाल दासीन एवं शिवशंकर साहेब सहित अन्य संतों ने भजन एवं प्रवचनों के माध्यम से कबीर साहेब की शिक्षाओं को विस्तार से बताया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों का पुष्पमालाओं से स्वागत भी किया गया।
प्रवचन में संतों ने कहा कि 15वीं शताब्दी के महान संत एवं समाज सुधारक कबीरदास ने जाति-पांति, ऊंच-नीच, अंधविश्वास और धार्मिक आडंबर का विरोध करते हुए सत्य, प्रेम, सदाचार और मानव सेवा को ही सच्ची भक्ति का मार्ग बताया। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता और आत्मचिंतन की प्रेरणा देते हैं।
महोत्सव की सफलता में महंत वेदानंद साहेब, प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नित्यानंद दास, सचिव अरविंद दास, राजेंद्र दास, दिनेश दास, मुखिया संघ अध्यक्ष मोहम्मद काजिम, सरपंच सुमन रजक, पंचायत समिति सदस्य प्रेम महलदार, समाजसेवी मोहम्मद इंसून, पूर्व मुखिया जगदेव रविदास, एमएससी प्रतिनिधि अखिलेश मेहता सहित सत्संग समिति के सदस्यों और स्थानीय श्रद्धालुओं की सक्रिय भूमिका रही।
पंडाल में महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। देर शाम तक पूरा आश्रम परिसर "सत साहेब" के जयघोष और कबीर वाणी से गुंजायमान रहा।
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