बरहरखाल पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विजय सिंह कुशवाहा पर कुछ समय पूर्व अपहरण कर जबरन जमीन रजिस्ट्री कराने का गंभीर आरोप लगाया गया था। इस मामले को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा हुई थी और विभिन्न माध्यमों में खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना था कि उन पर दबाव बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, जबकि विजय सिंह कुशवाहा ने शुरू से ही आरोपों को निराधार बताते हुए इसे राजनीतिक एवं चुनावी रंजिश का परिणाम बताया था।
इसी क्रम में 9 जून 2026 को पंचायत सरकार भवन बरहरखाल में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों तथा दोनों पक्षों की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में मामले से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा की गई और दोनों पक्षों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद ₹500 के स्टाम्प पेपर पर पंचनामा एवं इकरारनामा तैयार किया गया।
दस्तावेज में उल्लेख किया गया कि पूर्व में लगाए गए आरोप गलतफहमी एवं अन्य लोगों के बहकावे में आकर लगाए गए थे। पंचनामा के अनुसार जमीन की खरीद-बिक्री आपसी सहमति से हुई थी तथा अब दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार का विवाद शेष नहीं है। दोनों पक्षों ने दस्तावेज पढ़कर अपनी सहमति व्यक्त की और उस पर हस्ताक्षर एवं अंगूठे का निशान लगाया।
बैठक में मौजूद ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। पंचायत स्तर पर हुए इस समझौते के बाद मामले को समाप्त मानते हुए दोनों पक्षों ने भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचने और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की बात कही।
मुखिया प्रतिनिधि विजय सिंह कुशवाहा ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद थे और उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया था। वहीं कई ग्रामीणों ने भी कहा कि आपसी सहमति से विवाद समाप्त हो चुका है और अब क्षेत्र के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
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