Top News

रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल, राजस्व कर्मचारी अमर कुमार सिंह निलंबित


सोशल मीडिया पर रिश्वत मांगने का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए राजस्व कर्मचारी अमर कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी विशाल राज ने आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार, वायरल ऑडियो क्लिप में अमर कुमार सिंह पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) वाद के निष्पादन के लिए एक आवेदक से 15 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। बताया गया है कि यह मामला उस समय का है, जब वे दिघलबैंक अंचल में राजस्व कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। ऑडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच कर कार्रवाई की।

गौरतलब है कि दिघलबैंक पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह ने संबंधित ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।

वायरल वीडियो में कथित तौर पर राजस्व कर्मचारी एक महिला से जमीन का म्यूटेशन करने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग करते सुनाई दे रहे हैं। वहीं महिला चार हजार रुपये देने की बात कह रही है।

डीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत अमर कुमार सिंह को निलंबित किया गया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्देश भी दिया गया है।

निलंबन अवधि के दौरान अमर कुमार सिंह का मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय, किशनगंज निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि विभागीय जांच के दौरान आरोपों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। वहीं कोचाधामन अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि अमर कुमार सिंह के हल्का क्षेत्र का प्रभार 24 घंटे के भीतर किसी अन्य राजस्व कर्मचारी को सौंपकर इसकी अनुपालन रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

इसके अलावा संबंधित अधिकारी को आरोप-पत्र तैयार कर विभागीय जांच की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश भी दिया गया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक महकमे में इस कार्रवाई की व्यापक चर्चा है और इसे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Post a Comment

Previous Post Next Post