बिहार के नालंदा जिले से सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज घटना सामने आई है। राजगीर अनुमंडल के छबिलापुर थाना क्षेत्र स्थित कंचनपुर गांव में शुक्रवार की मध्यरात्रि अज्ञात बदमाशों ने घर के बरामदे में माता-पिता के साथ सो रहे आठ महीने के मासूम जनसुराज का रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और परिजनों के अनुसार, अपहृत बच्चा कंचनपुर निवासी महेश मांझी का आठ महीने का बेटा जनसुराज है। वह अपने चार भाई-बहनों में सबसे छोटा और परिवार का लाडला है।
बच्चे की चाची मंती देवी ने बताया कि शुक्रवार रात पूरा परिवार खाना खाने के बाद गर्मी के कारण घर के बाहर बरामदे में सोया हुआ था। रात करीब 12 बजे तक बच्चा अपनी मां के पास सुरक्षित था, लेकिन करीब एक बजे जब परिवार के कुछ सदस्यों की नींद खुली तो बच्चा बिस्तर से गायब मिला। इसके बाद पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही पूरा कंचनपुर गांव जाग गया। ग्रामीण टॉर्च और लाठियां लेकर रातभर गलियों, खेतों, बगीचों और झाड़ियों में बच्चे की तलाश करते रहे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। सुबह तेज बारिश के बावजूद परिजनों और ग्रामीणों ने खोज अभियान जारी रखा। बच्चे की तलाश में कंचनपुर के आसपास स्थित कोलबाबाद, कटारी, बथानी समेत कई गांवों में भी खोजबीन की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।पीड़ित परिवार का कहना है कि माता-पिता के बीच में सो रहे बच्चे को बिना किसी शोर-शराबे के उठाकर ले जाना किसी बाहरी व्यक्ति के लिए आसान नहीं है। परिजनों ने आशंका जताई है कि इस घटना में किसी स्थानीय व्यक्ति या मुखबिर की भूमिका हो सकती है। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
पुलिस ने बनाई विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए छबिलापुर थाना पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। राजगीर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) संजीत कुमार गुप्ता स्वयं घटनास्थल पहुंचे और जांच की निगरानी की।डीएसपी ने कहा कि मासूम बच्चे की सकुशल बरामदगी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
पटना से बुलाया गया डॉग स्क्वाड और FSL
जांच को वैज्ञानिक आधार देने के लिए पटना से डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि अपहरणकर्ताओं तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने कंचनपुर गांव के सभी 31 घरों की सघन तलाशी ली है। इसके अलावा गांव के निकास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों की मोबाइल लोकेशन भी ट्रैक की जा रही है। पुलिस आसपास के इलाकों में भी लगातार छापेमारी कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गांव में पसरा मातम, सुरक्षित बरामदगी की प्रार्थना
घटना के बाद कंचनपुर गांव में मातम और चिंता का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण भी बच्चे की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि हर पहलू पर गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही मासूम जनसुराज को सकुशल बरामद कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
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