पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है, वहीं राष्ट्रीय जनता दल की लिहाज से अच्छी खबर है। दरअसल राजद ने केरल विधानसभा में अपना खाता खोल लिया है। केरल की कुत्थुपरमबा सीट पर पार्टी को सफलता मिली है।
दरअसल इन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सोमवार को मतगणना शुरू हुई। इसी दौरान राष्ट्रीय जनता दल ने केरल में इतिहास रच दिया। कुथुपारंबा सीट से पार्टी के उम्मीदवार पीके प्रवीण ने मुस्लिम लीग के उम्मीदवार को हराकर यह कामयाबी हासिल की। कुथुपरमबा सीट राज्य के कन्नूर जिले में है।
पीके प्रवीण ने नजदीकी मुकाबले में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की उम्मीदवार जयंती राजन को 1286 मतों के अंतर से हराया। राष्ट्रीय जनता दल केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी एलडीएफ का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ रही थी। राजद की इतिहास में संभवतः यह पहला मौका है, जब दक्षिण भारत के किसी राज्य में उसे जीत हासिल हुई है।
इस सीट पर पीके प्रवीण को कुल 70,448 वोट मिले, जबकि जयंती राजन को 69,162 मत प्राप्त हुए। भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अपनी दावेदारी को पेश कर रहे शिंजी लाल को 22,195 मत प्राप्त हुए। वह तीसरे नंबर पर है। वही पार्टी की तरफ से कल्पेट्टा विधानसभा सीट से अपनी चुनावी किस्मत को आजमा रहे पीके अनिल को 52,348 मत प्राप्त हुए। जबकि बाड़करा सीट पर एमके भास्करन को 55,255 मत प्राप्त हुए।
चुनावी हलफनामे में दिए गए जानकारी के अनुसार पीके प्रवीण की गिनती एक कारोबारी के रूप में होती है। उन्होंने अन्नामलाईन यूनिवर्सिटी से एमफिल और स्नातकोत्तर तक की स्टडी की है। उनके पास 1.33 करोड़ रुपए की चल और 2.5 करोड रुपए की अचल संपत्ति है। पीके प्रवीण के ऊपर किसी भी प्रकार का आपराधिक मुकदमा नहीं है।
अपने पार्टी के चुनाव प्रचार के लिए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव केरल भी गए थे। जहां उन्होंने अपना एक भाषण भी दिया था। अंग्रेजी में दिया गया उनका भाषण काफी वायरल हुआ था। तेजस्वी यादव के भाषण के बाद से एनडीए के दलों ने जमकर उनके ऊपर निशाना साधा था। केरल विधानसभा चुनाव में राजद ने तीन सीटों पर अपनी उम्मीदवारों को उतारा था। जिसमें से एक सीट पर उनके उम्मीदवार को जीत मिली है। बता दे कि केरल में कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूडीएफ जीत की तरफ बढ़ रहा है।
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