पूर्णिया नगर निगम में कार्यरत आउटसोर्सिंग, संविदा एवं मानव बल कर्मियों की विभिन्न मांगों को लेकर पूर्णिया जिला नगर निकाय कर्मचारी संघ ने आंदोलन तेज करने का संकेत दिया है। संघ ने निगम प्रशासन से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर जा सकते हैं।
संघ के मंत्री वैद्यनाथ सिंह ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे निगमकर्मियों के साथ लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को सरकार द्वारा मिलने वाली कई सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जिससे कर्मियों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो कर्मचारी सफाई कार्य समेत अन्य सेवाएं बाधित कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संघ की प्रमुख मांगों में संविदा, आउटसोर्सिंग एवं मानव बल के तहत कार्यरत कर्मियों को स्थायी करने, बिहार सरकार के नियमित कर्मचारियों की तरह एसीपी का लाभ देने तथा निगम में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की मांग शामिल है। इसके अलावा एजेंसी के माध्यम से कार्यरत मजदूरों को निगम कर्मचारी घोषित करने और तब तक न्यूनतम 25 हजार रुपये मासिक वेतन देने की मांग भी उठाई गई है।
नगर निकाय कर्मचारी संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। ऐसे में संघ अब निर्णायक लड़ाई के मूड में है।
इधर, कर्मचारियों की संभावित हड़ताल को लेकर शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कचरा उठाव, नाला सफाई एवं अन्य जरूरी नागरिक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। अब देखना यह होगा कि नगर निगम प्रशासन कर्मचारियों को मनाने और हड़ताल टालने के लिए क्या कदम उठाता है।
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