किशनगंज जिले में पुलिस की बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गंधर्वडांगा थाना में पूछताछ के नाम पर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो सामने आते ही पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशिक्षु एसआई नितेश कुमार वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं मारपीट में शामिल होमगार्ड जवान छठूलाल राय को पुलिस केंद्र वापस बुला लिया गया है और उसके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा गया है। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में पूछताछ के बाद छोड़े गए ब्यक्ति जब घर पहुँचा तो परिजन ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगा, जिसके बाद पूरे जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत गंधर्वडांगा थानाध्यक्ष से जवाब तलब किया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि कांड संख्या 45/26 की जांच के दौरान एसआई नितेश कुमार वर्मा और होमगार्ड जवान छठूलाल राय ने व्यक्ति के साथ मारपीट की थी।
एसपी संतोष कुमार ने कहा कि दोनों पुलिसकर्मियों का आचरण घोर लापरवाही, मनमानी और अनुशासनहीनता को दर्शाता है। इसी आधार पर एसआई को जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है। वहीं होमगार्ड जवान पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इतना ही नहीं, पूरे मामले की जांच एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार सिंह को सौंपी गई है। उन्हें 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने साफ कर दिया है कि यदि जांच में थानाध्यक्ष कुंदन कुमार समेत किसी अन्य पुलिस अधिकारी या जवान की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल यह पूरा मामला गंधर्वडांगा थाना क्षेत्र के तलबारबंधा गांव में हुई एक सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है। 10 मई को गांव के मक्के के खेत से 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला उमेदा खातून उर्फ नेंगरी का शव बरामद हुआ था। महिला के सीने पर धारदार हथियार से कई गहरे वार किए गए थे। महिला 9 मई से लापता थीं, लेकिन परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी थी। शव मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसी केस में पूछताछ के दौरान थर्ड डिग्री देने का वीडियो वायरल हुआ, जिसने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब पूरे जिले की नजर एसडीपीओ जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ दो पुलिसकर्मियों की करतूत थी या फिर थाने में थर्ड डिग्री देने का खेल लंबे समय से चल रहा था।
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