बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज भाजपा के जन आक्रोश महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश की आधी आबादी को साफ तौर पर भरोसा देते हुए कहा कि नारी शक्ति के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। एनडीए शुरू से ही महिला सशक्तिकरण को लेकर आगे बढ़ रही है और आगे भी वह इसके लिए प्रयास करेगी।
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) पारित न होने के विरोध में भाजपा की ओर से बिहार की राजधानी पटना में 'जन आक्रोश महिला मार्च' निकाला गया। इसके बाद पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किया गया । इसके जरिए एनडीए की महिला नेत्रियों ने विपक्ष को साफ संदेश दे दिया कि यह आक्रोश सिर्फ पटना में नहीं, बल्कि घर-घर पहुंचेगा और दिखेगा।
इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी महिला नेत्रियों का उत्साह बढ़ाने पहुंचे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि नरेंद्र मोदी की सरकार आपके लिए कानून बनाएगी और आपको न्याय दिलाने का काम भी सरकार करेगी।
उन्होंने कहा कि 1977 में जब भारत की आबादी 70 करोड़ थी, तब 543 लोकसभा क्षेत्र थे। आज पीएम नरेंद्र मोदी चाहते थे कि नारी शक्ति को 33 फीसदी आरक्षण देकर महिलाओं के लिए सीटों की संख्या बढ़ा दी जाए। नए परिसीमन में अगर बिहार के चुनाव होते, तो आज 29 विधायक महिलाएं हैं जो से बढ़कर कम से कम 122 हो जातीं। लेकिन कांग्रेस और राजद के लोगों ने उनके अधिकार को छीना।
उन्होंने कहा कि वे लोग चाहते हैं कि उनके परिवार के लोग ही संसद में पहुंचे। राहुल गांधी चाहते हैं कि उनकी बहन ही केवल सांसद बने। यहां लालू यादव और उनके परिवार के लोग चाहते हैं कि उनकी पत्नी विरोधी दल का नेता बने। उनकी बेटी लोकसभा का सदस्य बने। उन्होंने परिवारवाद को लेकर सपा को भी घेरा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि देश की 272 बहनें लोकसभा में जाएं, लेकिन लोगों की चिंता यह नहीं है। वैसे यह कोई नई बात नहीं है। विपक्ष पुराने समय से यही करते आ रहा हैं। एनडीए सरकार में महिलाओं को बढ़ाने का काम किया गया। स्वयं सहायता समूह के जरिए महिलाओं को सशक्त किया गया।
उन्होंने कहा कि यह वही देश है जहां माँ दुर्गा, माँ सरस्वती, मां काली की पूजा होती है और आज उसी देश में महिलाओं को धोखा देने का काम किया जा रहा है। महिलाओं को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी महिलाओं के साथ असुरक्षा की भावना खड़ा करने की कोशिश करेगा, उसे पाताल से भी खोजने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बता रहे है कि यह आंदोलन गांव तक पहुंचाया जाएगा। वहां की महिलाओं को बताया जाएगा कि पीएम मोदी आपको लोकसभा और विधानसभा पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन महागठबंधन के लोग अपने परिवार की महिलाओं को सत्ता तक पहुंचाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि इससे आरक्षण का अपमान हुआ और महिलाओं के साथ धोखा हुआ है। राजद, कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इससे विपक्ष का महिला विरोधी चेहरा भी उजागर हो गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार में जब एनडीए की सरकार बनी तो पंचायत और नगर निकायों में 50 फीसदी महिला आरक्षण की व्यवस्था लागू की गई। इसका परिणाम है कि बिहार में पंचायती राज व्यवस्था और नगर निकायों में महिला जनप्रतिनिधि की संख्या 59 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में एनडीए की महिला नेत्रियों ने हिस्सा लिया।
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