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विश्व पृथ्वी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर केपी काॅलेज में मानविकी संकाय द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केपी काॅलेज के प्रधानाचार्य प्रो (डॉ) अशोक कुमार झा ने की। तथा मंच संचालन डॉ दीपक गुप्ता ने की। प्रधानाचार्य प्रो अशोक कुमार झा ने अपने संबोधन में पृथ्वी संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए “सर्कुलर इकोनॉमी” की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि संसाधनों के पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण से पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकता है। उन्होंने “वाटर-फूड-एनर्जी रिलेशन” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल, भोजन और ऊर्जा एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, इसलिए इनके संतुलित उपयोग से ही सतत विकास संभव है। इसके साथ ही उन्होंने “ग्रीन एनर्जी” को अपनाने पर बल देते हुए सौर एवं पवन ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। फॉसिल फ्यूल से ऊर्जा का उत्पादन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वेदों में पृथ्वी को मां की संज्ञा दी गई है इसलिए हमें मिलकर पृथ्वी की रक्षा करनी चाहिए। प्लास्टिक के बोतल से हम पानी पीते उससे भी माइक्रो प्लास्टिक शरीर में प्रवेश कर मस्तिष्क  तक पहुंच जाता है। कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा को कम करना, कम दूरी के लिए पैदल चलना या साइकिल का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने बिश्नोई जनजाति के बारे में भी बताया, जो पेड़ों के प्रति प्रेम भाव रखता है। अंत में उन्होंने अंग्रेजी भाषा के कवि कॉलरीज की कविता वाटर वाटर एवरीथिंग… के उदाहरण से अपनी वाणी  को विराम दिया। प्रो सुशांत कुमार सिंह ने कहा कि इकोलॉजिकल क्राइसिस राजनीतिक अर्थशास्त्र से संबंधित है। डॉ कमलेश कुमार ने कहा कि विकास और प्रदूषण में सामंजस्य बनाकर चलना होगा तभी हम पृथ्वी को बचा सकते हैं। डॉ. अवधेश कुमार ब्याहुत ने जनजातियों के बारे में बताया कि जब तक वे बचे रहेंगे तब तक पृथ्वी बची रहेगी। डॉ निमिषा राज ने विश्व पृथ्वी दिवस क्यों मनाते हैं, इस पर विस्तार से बताया। कार्यक्रम में काॅलेज के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव, वृक्षारोपण एवं स्वच्छता के महत्व पर भी चर्चा की गई। छात्र-छात्राओं को पृथ्वी को सुरक्षित रखने हेतु दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पृथ्वी संरक्षण की शपथ ली और पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का संकल्प लिया।

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